झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था ‘वेंटिलेटर’ पर, थैलेसीमिया मरीजों को नहीं मिल रहा खून: भाजपा

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झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था ‘वेंटिलेटर’ पर, थैलेसीमिया मरीजों को नहीं मिल रहा खून: भाजपा


रांची, 17 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मंगलवार को झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि राज्य की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था “वेंटिलेटर” पर चली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 जिलों में थैलेसीमिया से पीड़ित सैकड़ों बच्चे खून के इंतजार में तड़प रहे हैं, जबकि सरकार सिर्फ दिखावे की राजनीति में व्यस्त है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में डॉक्टरों की भारी कमी है। स्वीकृत पदों के मुकाबले हजारों पद खाली पड़े हैं और लगभग 60 प्रतिशत विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। बड़े सरकारी अस्पतालों में 70 से 80 प्रतिशत तक नर्सों की कमी बताई गई है, जबकि करीब 3000 पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है। कई जिलों में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं और कई स्वास्थ्य केंद्रों में पैरासिटामोल जैसी सामान्य दवाएं भी नहीं मिल रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कथित तौर पर बच्चों को बिना जांच के एचआईवी संक्रमित खून चढ़ा दिया गया। उन्होंने इसे पूरे सिस्टम की बड़ी विफलता बताते हुए दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य का ब्लड बैंक सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया है, जिसके कारण मरीजों को खून के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में विफल रही है।

उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में है, तब मंत्री “रिक्शा चलाकर फोटो खिंचवाने” में व्यस्त हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब मंत्री रिक्शा से ही अस्पतालों में खून पहुंचाएंगे।

भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली की जाए, ब्लड बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए विशेष आपात योजना लागू की जाए।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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