शरदकालीन सत्र 2026 विधानसभा ने सहकारी समितियां संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया

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श्रीनगर, 22 सितंबर (हि.स.)।

जम्मू और कश्मीर विधानसभा ने आज सदन के सदस्यों द्वारा विस्तृत चर्चा और विचार-विमर्श के बाद जम्मू और कश्मीर सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2026 (विधायी संशोधन विधेयक संख्या 9, 2026) पारित कर दिया।

सहकारिता विभाग के मंत्री जावेद अहमद डार द्वारा यह विधेयक पेश किया गया था जिसमें जम्मू और कश्मीर सहकारी समितियां अधिनियम, 1989 में संशोधन, जम्मू और कश्मीर आत्मनिर्भर सहकारी अधिनियम, 1999 को निरस्त करने और मूल अधिनियम के तहत आत्मनिर्भर सहकारी समितियों के लिए संक्रमणकालीन ढांचा प्रदान करने का प्रावधान था।

विधेयक पर सदन में विस्तार से चर्चा हुई जिसमें कई विधायकों ने प्रस्तावित कानून के विभिन्न प्रावधानों पर अपने विचार, सुझाव और टिप्पणियां रखीं।

चर्चा में भाग लेने वाले सदस्यों में निज़ामुद्दीन भट, पवन गुप्ता, बलवंत सिंह मनकोटिया, अर्जुन सिंह राजू और राजीव जसरोतिया शामिल थे।

चर्चा के दौरान उठाए गए मुद्दों और सुझावों का जवाब देते हुए मंत्री ने सदन को प्रस्तावित संशोधनों के उद्देश्यों और तर्क से अवगत कराया और एक सशक्त, पारदर्शी और प्रभावी विधायी ढांचे के माध्यम से सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने बताया की यह विधेयक जम्मू और कश्मीर में सहकारी विधायी ढांचे को सुव्यवस्थित करने और सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने और अपने सदस्यों को सेवाएं प्रदान करने के लिए मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित विधायी ढांचे का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में अधिक सामंजस्य स्थापित करना और जम्मू और कश्मीर सहकारी समिति अधिनियम 1989 के दायरे में आत्मनिर्भर सहकारी समितियों के लिए सुगम संक्रमण सुनिश्चित करना है।

सदस्यों द्वारा उठाए गए सुझावों पर चर्चा और विचार-विमर्श के बाद जम्मू और कश्मीर सहकारी समिति (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा द्वारा ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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