जम्मू में युवा राजपूत सभा का जोरदार प्रदर्शन, विवादित बयान के खिलाफ फूंका पुतला
जम्मू, 28 मई (हि.स.)। युवा राजपूत सभा जम्मू और कश्मीर (वाईआरएस) ने वीरवार को महाराजा हरि सिंह ब्रिज के निकट पश्चिम बंगाल के एक नेता द्वारा गौहत्या को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभा के कार्यकर्ताओं और सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए संबंधित नेता का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजपूत समुदाय के लोगों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने उस बयान पर कड़ा विरोध जताया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि 14 वर्ष की आयु के बाद गाय को काटा जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने इसे असंवेदनशील, गैर-जिम्मेदाराना और करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। प्रदर्शन का नेतृत्व मनदीप सिंह रिम्पी ने किया। उनके साथ सभा के पूर्व अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी और विक्रम सिंह विक्की भी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए मंदीप सिंह रिम्पी ने विवादित टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक नेता केवल सुर्खियां बटोरने और समाज में विभाजन पैदा करने के लिए गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में करोड़ों लोग गाय को पूजनीय मानते हैं और इस प्रकार की टिप्पणियां लोगों की आस्था और भावनाओं को सीधे आहत करती हैं। उन्होंने कहा कि युवा राजपूत सभा धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक मूल्यों का अपमान करने वाले हर प्रयास के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
पूर्व अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ बयान देने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और देशभर के लोगों की भावनाओं को आहत करते हैं। उन्होंने संबंधित नेता से सार्वजनिक माफी की मांग भी की। पूर्व अध्यक्ष विक्रम सिंह विक्की ने कहा कि भारत सभी धर्मों, परंपराओं और आस्थाओं का सम्मान करने वाला देश है और किसी को भी असंवेदनशील टिप्पणियों के जरिए विवाद फैलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन गौमाता से जुड़ी धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के हर प्रयास की कड़ी निंदा करता है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक बयान देते समय गरिमा बनाए रखने की अपील की। सभा ने सभी समुदायों से शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने का भी आग्रह किया। प्रदर्शन के अंत में संबंधित नेता का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया गया तथा सदस्यों ने सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

