कश्मीर वहीद पारा ने मिशन युवा के तहत भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
श्रीनगर, 06 मार्च (हि.स.)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और विधायक वहीद उर रहमान पारा ने शुक्रवार को मिशन युवा के तहत भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ पदों पर भर्ती केवल दो संस्थानों के स्नातकों तक ही सीमित रखी जा रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पारा ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया आईआईएम जम्मू और आईआईटी जम्मू के उम्मीदवारों तक ही सीमित प्रतीत होती है और उन्होंने पूछा कि जम्मू-कश्मीर के अन्य विश्वविद्यालयों के स्नातकों के लिए अवसर क्यों नहीं खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू विश्वविद्यालय, कश्मीर विश्वविद्यालय, इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, बाबा गुलाम शाह बादशाह विश्वविद्यालय और क्षेत्र के अन्य विश्वविद्यालयों को भी भर्ती के लिए विचार किया जाना चाहिए।
पारा ने कहा कि भर्ती को दो संस्थानों तक सीमित करने से जम्मू-कश्मीर के अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए अवसर सीमित हो सकते हैं। उन्होंने आवेदन सीमित करने के पीछे के तर्क पर भी सवाल उठाया जबकि आईआईएम जम्मू और आईआईटी जम्मू दोनों में जम्मू-कश्मीर के बाहर के छात्रों की संख्या काफी अधिक है। पारा ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से योग्यता पर आधारित है तो सरकार को देश भर के संस्थानों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन खोलने पर विचार करना चाहिए। अगर वाकई योग्यता ही मायने रखती है तो देश भर के आईआईएम और आईआईटी में आवेदन खोले जाने चाहिए ताकि सर्वश्रेष्ठ योग्य उम्मीदवारों का चयन हो सके, न कि इसे सिर्फ दो संस्थानों तक सीमित रखा जाए।
पीडीपी नेता ने अपने पोस्ट में जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री को भी टैग किया और मिशन युवा के तहत भर्ती प्रक्रिया के बारे में स्पष्टीकरण मांगा। मिशन युवा जम्मू और कश्मीर में उद्यमिता, रोजगार सृजन और युवा विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार की एक पहल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

