सांबा में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण पर पंच सम्मेलन आयोजित
सांबा, 6 अगस्त (हि.स.)। सहभागी ग्रामीण शासन के एक नए युग की शुरुआत के उद्देश्य से सांबा ग्रामीण विकास विभाग ने आज विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना पर एक भव्य पंच सम्मेलन का आयोजन किया।
कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक उपायुक्त आयुषी सूडान के मार्गदर्शन में किया गया जबकि अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त चंपा देवी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। सहायक आयुक्त विकास रफीक अहमद जरल और सहायक आयुक्त पंचायत नरसिंह दयाल ने कार्यक्रम का समन्वय किया।
इस सम्मेलन में सभी ब्लॉक विकास अधिकारियों, पंचायती राज संस्था के पूर्व प्रतिनिधियों, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों की एक बड़ी संख्या ने उत्साहपूर्वक भाग लिया जिससे नए अधिनियम के प्रावधानों, उद्देश्यों और कार्यान्वयन ढांचे के संबंध में हितधारकों को प्रभावी ढंग से जागरूक करने के लिए सभी ने मिलकर काम किया।
ग्रामीण विकास विभाग के विशेषज्ञों जिन्होंने नए अधिनियम पर प्रशिक्षण प्राप्त किया था ने वीबी-ग्रामजी योजना की प्रमुख विशेषताओं का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि यह योजना अपने पूर्ववर्ती, एमजीएनआरईजीए से किस प्रकार एक क्रांतिकारी बदलाव है जिसमें टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका के बेहतर अवसर और समग्र ग्राम विकास पर अधिक जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों ने कानूनी ढांचे, परिचालन तौर-तरीकों और कार्यान्वयन तंत्रों को विस्तार से समझाया, शंकाओं को दूर किया और हितधारकों को नीति को व्यवहार में लाने के लिए आवश्यक ज्ञान से लैस किया।
पंच सम्मेलन संवाद को बढ़ावा देने संस्थागत क्षमता निर्माण करने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक जीवंत मंच के रूप में कार्य करता है कि योजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार प्रत्येक हितधारक इसके उद्देश्यों और वैधानिक प्रावधानों से पूरी तरह परिचित हो। इस कार्यक्रम ने यह रेखांकित किया कि विभाग इस योजना के लाभों को वास्तविक रूप में जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
सभा को संबोधित करते हुए सांबा की एडीडीसी, सुश्री चंपा देवी ने सभी प्रतिभागियों के हार्दिक सहयोग और उत्साहपूर्ण उपस्थिति के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया और कहा कि भारी समर्थन ने इस कार्यक्रम को एक शानदार सफलता बना दिया है।
उन्होंने सभी कार्यान्वयन एजेंसियों और फील्ड अधिकारियों से वीबी-ग्रामजी योजना के कानूनी ढांचे का कड़ाई से पालन करने और इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी जन कल्याण कार्यक्रम की सफलता केवल वित्तीय व्यय पर ही निर्भर नहीं करती बल्कि सावधानीपूर्वक योजना, सामूहिक प्रयास और कानून के शासन के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पर भी निर्भर करती है। अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से कोई कसर न छोड़ने का आग्रह करते हुए उन्होंने उनसे सरकार के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण को ग्रामीण समुदायों के लिए मूर्त परिणामों में बदलने के लिए मिशनरी उत्साह के साथ काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन आशावादी माहौल में हुआ जिसमें सभी हितधारकों ने वीबी-ग्रामजी योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए घनिष्ठ समन्वय में काम करने का सामूहिक संकल्प लिया जिसे कई लोगों ने सांबा जिले में समावेशी, लचीले और टिकाऊ ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

