नशे के शिकार युवाओं को अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित के रूप में देखें-एलजी सिन्हा
कठुआ, 13 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में चल रहे 100 दिवसीय “नशा मुक्त अभियान” की शुरुआत के दौरान मनोज सिन्हा ने युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए समाज से संवेदनशील और सकारात्मक रवैया अपनाने की अपील की।
अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने कहा कि जो युवा नशे की चपेट में आ चुके हैं, उन्हें अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके साथ सहानुभूति, प्यार और संवेदना के साथ व्यवहार करना जरूरी है, ताकि वे इस बुरी लत से बाहर निकल सकें। उन्होंने कहा कि कई बार नशे के शिकार युवा मानसिक रूप से टूट जाते हैं और समाज व परिवार द्वारा उपेक्षा और शर्म की नजर से देखे जाते हैं, जिससे उनकी स्थिति और खराब हो जाती है। ऐसे में परिवार और समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वे उन्हें समझाएं, उनका हौसला बढ़ाएं और उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें।
उपराज्यपाल ने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां नशे के शिकार युवाओं का इलाज संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे युवाओं को इन केंद्रों तक पहुंचाएं और उनका उचित इलाज करवाएं, ताकि वे नई उम्मीद के साथ समाज में फिर से अपनी जगह बना सकें। उन्होंने पुलिस और अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे ऐसे युवाओं के साथ कठोरता के बजाय सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाएं और उन्हें खुलकर सामने लाने में मदद करें, ताकि उनका इलाज हो सके और वे एक नई जिंदगी की शुरुआत कर सकें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

