रणजी ट्रॉफी की जीत खेलों को बढ़ावा देने के ईमानदार दृष्टिकोण का प्रमाण

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रणजी ट्रॉफी की जीत खेलों को बढ़ावा देने के ईमानदार दृष्टिकोण का प्रमाण


जम्मू, 06 मार्च (हि.स.)।

भारतीय जनता पार्टी जम्मू और कश्मीर इकाई के राज्य प्रवक्ता अरुण कुमार गुप्ता ने आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि साठ वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद जम्मू और कश्मीर की रणजी ट्रॉफी में जीत खेलों के प्रति कठोर, ईमानदार और निष्ठापूर्ण दृष्टिकोण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद खेलों पर दिए गए ध्यान ने शानदार परिणाम दिखाए हैं और यह निर्विवाद रूप से साबित हो गया है कि किसी भी देश में खेलों को बढ़ावा देना तब तक संभव नहीं है जब तक कि दृष्टिकोण पक्षपात, आंशिक चयन प्रक्रिया और वित्तीय गड़बड़ियों पर आधारित हो। जम्मू और कश्मीर ने एक बार फिर साठ वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद रणजी ट्रॉफी जीती है और यह बिना किसी पक्षपात के पूरी तरह से ईमानदार और निष्ठापूर्ण चयन पर ध्यान केंद्रित करने का परिणाम है।

अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार और अयोग्य व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने वाले माहौल में खेलों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि खेल अधिकारियों के बेईमान आचरण से अक्षम टीमें बनती हैं जिसका युवा खिलाड़ियों के खेल भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस तरह की बेईमानी न केवल खेलों के विकास में बाधा डालती है बल्कि युवाओं के साथ घोर अन्याय भी करती है। भाजपा जम्मू और कश्मीर ने जम्मू-कश्मीर की एक अदालत के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें तत्कालीन जम्मू-कश्मीर खेल संघ प्रमुख सहित सभी संबंधित लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार और अयोग्य व्यक्तियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप तय किए गए हैं।

अरुण कुमार गुप्ता ने आगे अपील की कि देश का वर्तमान खेल वातावरण इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों के प्रति ईमानदार और निष्पक्ष दृष्टिकोण सुनिश्चित करने में गहरी रुचि दिखाई है। भारत सरकार के मार्गदर्शन में जम्मू और कश्मीर में विशाल खेल अवसंरचना का विकास हुआ है और क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह विकास जारी रहेगा। अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि रणजी ट्रॉफी में मिली जीत जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि उन्हें वर्षों से किए गए प्रयासों को नकारने या पिछली सरकारों की उन प्रथाओं को पुनर्जीवित करने के किसी भी प्रयास के प्रति सतर्क रहना चाहिए जिन्होंने खेल को भ्रष्टाचार और धन एवं संसाधनों के दुरुपयोग का निजी एजेंडा बना दिया था जो विशेष रूप से भावी पीढ़ियों के लिए थे और इस प्रकार एक स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान दे रहे थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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