भद्रवाह में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, सतत विकास और शिक्षा में नवाचार पर हुआ मंथन

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भद्रवाह में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न, सतत विकास और शिक्षा में नवाचार पर हुआ मंथन


जम्मू, 04 सितंबर (हि.स.)। गवर्नमेंट डिग्री (पीजी) कॉलेज भद्रवाह और गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज किल्होत्रान के संयुक्त तत्वावधान में “सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए एजुकेशनल रिसर्च और ट्रांसफॉर्मेटिव लर्निंग में मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हो गया।

डोडा जैसे पर्वतीय जिले में इस स्तर का यह पहला ऑफलाइन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन रहा। सम्मेलन का आयोजन इंटरनेशनल बेनेवोलेंट रिसर्च फाउंडेशन (आईबीआरएफ), कोलकाता और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (सीआईयू), नई दिल्ली के सहयोग से किया गया। इसे जम्मू-कश्मीर के उच्च शिक्षा विभाग तथा जेएंडके साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन काउंसिल (जेकेएसटीआईसी) ने प्रायोजित किया।

सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की भावना के अनुरूप किया गया। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और नीति विशेषज्ञों ने जलवायु लचीलापन, जैव विविधता संरक्षण, ग्रीन केमिस्ट्री, सतत विकास तथा सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का शुभारंभ जीडीसी भद्रवाह के प्राचार्य प्रो. बशारत इकबाल के स्वागत भाषण से हुआ।

उद्घाटन सत्र में जीडीसी किल्होत्रान की प्राचार्य प्रो. अनीता जामवाल, सीआईयू नई दिल्ली के कार्यकारी सचिव डॉ. तन्मय रुद्र, एसईआरआई कोलकाता के चेयरमैन डॉ. त्रिदिब बंद्योपाध्याय, विशेष अतिथि लेफ्टिनेंट कर्नल सुसमा मसानता और मुख्य अतिथि प्रो. जहीर अब्बास हाशमी ने संबोधित किया। इस दौरान कॉलेज की पत्रिका ‘शाहीन’ और सम्मेलन की एब्स्ट्रैक्ट बुक का भी आधिकारिक विमोचन किया गया।

दो दिनों तक चले सम्मेलन में कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ लेथब्रिज के डॉ. सैकत कुमार बसु और बांग्लादेश के डॉ. बिनय कुमार चक्रवर्ती सहित अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने प्लेनरी और मुख्य व्याख्यान दिए। समानांतर तकनीकी सत्रों में पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, एआई आधारित बागवानी, हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में वन्यजीव संरक्षण, नैनोमैटेरियल्स का ग्रीन सिंथेसिस, एनईपी-2020 के तहत ‘डिजाइन योर डिग्री’ फ्रेमवर्क और इकोक्रिटिकल साहित्य सहित विभिन्न विषयों पर शोध प्रस्तुतियां और अकादमिक चर्चा हुई।

सम्मेलन के सफल आयोजन में जीडीसी भद्रवाह के जूलॉजी विभागाध्यक्ष, आईक्यूएसी समन्वयक एवं आयोजन सचिव डॉ. अयाज ए. वानी की भूमिका की विशेष सराहना की गई। उनके अकादमिक दृष्टिकोण और समन्वय से क्षेत्र के उच्च शिक्षण संस्थानों को देश-विदेश के प्रमुख शैक्षणिक एवं शोध संगठनों से जोड़ने तथा चिनाब घाटी के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक अकादमिक विमर्श से रूबरू होने का अवसर मिला।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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