अनंतनाग में तीन प्राचीन जीवाश्म स्थलों को संरक्षण मिला

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जम्मू,, 20 जनवरी (हि.स.)। अनंतनाग के घने जंगल अब प्राचीन काल की कहानियां बयां कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर की भूवैज्ञानिक विरासत को संरक्षित करने के एक बड़े कदम के तहत दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में तीन प्राचीन जीवाश्म स्थलों को संरक्षित किया गया है ताकि वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिले और भू-पर्यटन को प्रोत्साहन मिल सके।

अधिकारियों के अनुसार यह पहल जम्मू-कश्मीर वन विभाग, अनंतनाग डिवीजन और भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के सहयोग से की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य दुर्लभ जीवाश्म संपदा की सुरक्षा करना और शिक्षा, अनुसंधान तथा सतत पर्यटन के नए अवसर खोलना है।

वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण दो जीवाश्म स्थल—हलसिदर और सस्कहुड़न कप्रान वेरिनाग वन क्षेत्र में स्थित हैं और इन्हें वन क्षेत्र में होने के कारण पहले ही संरक्षण में लाया गया है। एक और महत्वपूर्ण खोज में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने मस्वाती नरसांगर लारू क्षेत्र, कोकेरनाग वन क्षेत्र में लगभग 26 करोड़ साल पुराने जीवाश्म स्थल की पहचान की है जो प्राचीन जीवन की दुर्लभ झलक प्रदान करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

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