जम्मू के जानीपुर क्षेत्र में स्थित खीर भवानी पीठ में हजारों श्रद्धालु उमड़े

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जम्मू, 22 जून (हि.स.)। कश्मीरी पंडित समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहारों में से एक ज्येष्ठ अष्टमी मनाने के लिए सोमवार को जम्मू के जानीपुर क्षेत्र में स्थित खीर भवानी पीठ में हजारों श्रद्धालु उमड़े।

मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के तुलमुल्ला में स्थित पूजनीय माता खीर भवानी मंदिर की प्रतिकृति माने जाने वाले इस मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की निरंतर भीड़ उमड़ती रही।

पहली आरती सुबह 3 बजे हुई जिसके साथ ही दिनभर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई जिनमें विशेष प्रार्थनाएं, हवन, भक्ति गीत और प्रसाद वितरण शामिल थे।

1990 के दशक की शुरुआत में उग्रवाद के कारण कश्मीरी पंडितों के बड़े पैमाने पर पलायन के बाद जानीपुर में खीर भवानी पीठ का निर्माण किया गया था। सामुदायिक प्रयासों से निर्मित यह मंदिर वर्षों से विस्थापित कश्मीरी समुदाय के लिए आस्था और सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है जिससे श्रद्धालु अपने पैतृक वतन से दूर रहते हुए भी माता खीर भवानी से जुड़ी सदियों पुरानी परंपराओं का पालन कर पाते हैं।

एक श्रद्धालु प्रसन्नों ने बताया कि कश्मीर स्थित मूल मंदिर में दर्शन करने में असमर्थ लोगों के लिए इस मंदिर का विशेष महत्व है। कई श्रद्धालुओं ने इसे अपनी जड़ों से आध्यात्मिक जुड़ाव और देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने का स्थान बताया।

जम्मू शहर के बोहरी क्षेत्र से आई शीला कुमारी ने कहा कि हर कोई कश्मीर नहीं जा सकता और यह मंदिर हमारे लिए उस कमी को पूरा करता है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपने परिवार के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और आशा करते हैं कि एक दिन वे अपने वतन लौट सकेंगे और कश्मीर स्थित मूल मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

मंदिर प्रबंधन ने बताया कि वार्षिक उत्सव के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए कंद (चीनी कैंडी), दूध, फूल और अगरबत्ती सहित पारंपरिक प्रसाद की व्यवस्था की गई है। उत्सव के उपलक्ष्य में 20,000 से अधिक मिट्टी के दीये तैयार किए गए थे जिन्हें भक्तों ने अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए अर्पित किया। मंदिर के शासी निकाय के सदस्य सुशील वट्टल ने बताया कि उन्होंने इस पूरे आयोजन के दौरान निर्बाध सेवाएं और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय भी किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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