जो लोग सच में जम्मू कश्मीर की परवाह करते हैं, वे 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हमारे साथ जुड़ेंगे -मुख्यमंत्री के सलाहकार

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श्रीनगर, 16 जुलाई(हि.स.)। नेशनल कॉन्फ्रेंस सीनियर नेता और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने गुरुवार को कहा कि पार्टी 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना प्रस्तावित कार्यक्रम करेगी चाहे इसके लिए इजाज़त मिले या न मिले। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जो लोग सच में जम्मू-कश्मीर की परवाह करते हैं और वहां के लोगों के साथ खड़े हैं वे इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। पार्टी हेडक्वार्टर 'नवा-ए-सुबह' में सीनियर एनसी नेता डॉ. शेख मुस्तफा कमाल की याद में आयोजित शोक सभा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए वानी ने कहा कि पार्टी लीडरशिप और कार्यकर्ता तय कार्यक्रम से पहले ही नई दिल्ली पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि इजाज़त मिले या न मिले हमारा कार्यक्रम होगा। इसका पूरा शेड्यूल सही समय पर बताया जाएगा।

जब उनसे उन खबरों के बारे में पूछा गया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को न्योता भेजा गया है तो वानी ने कहा कि 20 जुलाई को ही साफ हो पाएगा कि कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल होता है। उन्होंने कहा कि जो लोग सच में जम्मू-कश्मीर की परवाह करते हैं वहां के लोगों के प्रति हमदर्दी रखते हैं और उनके साथ खड़े हैं वे ज़रूर जंतर-मंतर पर हमारे साथ शामिल होंगे।

वानी ने फिर कहा कि जम्मू-कश्मीर का संवैधानिक दर्जा और छीनी गई गारंटियां वापस पाना नेशनल कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद है। उन्होंने कहा कि इस मकसद को पाने के लिए राज्य का दर्जा बहाल करना ज़रूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने चुनी हुई सरकार के लिए वोट दिया था न कि सत्ता के दो केंद्रों के लिए। डॉ. कमाल को याद करते हुए वानी ने उन्हें एक विनम्र नेता, समझदार राजनीतिक विश्लेषक और धर्म की गहरी जानकारी रखने वाला विद्वान बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. कमाल को जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक इतिहास की गहरी समझ थी और वे सालों तक अहम राजनीतिक घटनाक्रमों से गहराई से जुड़े रहे। उनके निधन को कभी न पूरी होने वाली क्षति बताते हुए वानी ने कहा कि डॉ. कमाल पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ करीबी संबंध रखते थे और अक्सर अपनी राजनीतिक समझ और धार्मिक विद्वता से उनका मार्गदर्शन करते थे। उन्होंने कहा कि उनके जाने से जो खालीपन आया है उसे भरना हमारे लिए बहुत मुश्किल होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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