पीओजेके में नागरिकों की मौत और बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच हो: भाजपा मानवाधिकार प्रकोष्ठ
जम्मू, 29 जुलाई (हि.स.)। भाजपा मानवाधिकार प्रकोष्ठ, जम्मू-कश्मीर ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के रावलाकोट और आसपास के क्षेत्रों में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित अत्यधिक बल प्रयोग और नागरिकों की मौत की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रकोष्ठ ने इन घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा मानवाधिकार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक सरफराज हमीद राथर ने कहा कि सामने आई रिपोर्टें क्षेत्र में मौलिक मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार सार्वभौमिक हैं और उनका संरक्षण किसी भी क्षेत्र या राजनीतिक परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग नहीं होना चाहिए।
राथर ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी), संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इन घटनाओं का संज्ञान लेकर स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों को अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी जीवन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा, गरिमा और न्याय सहित सभी मूलभूत अधिकार प्राप्त होने चाहिए। राथर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कथित चुप्पी पर भी चिंता जताते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों से जुड़ी घटनाओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
अपने बयान के अंत में उन्होंने कथित रूप से जान गंवाने वाले और घायल हुए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि सच्चाई सामने आएगी, न्याय मिलेगा और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

