गांदरबल जिले में दुनिया भर में मशहूर शल्लाबुघ वेटलैंड में एक बार फिर लगभग 2.5 लाख माइग्रेटरी पक्षी आए

WhatsApp Channel Join Now

गांदरबल, 09 जनवरी (हि.स.)। गांदरबल जिले में दुनिया भर में मशहूर शल्लाबुघ वेटलैंड में एक बार फिर लगभग 2.5 लाख माइग्रेटरी पक्षी आए हैं जिससे कश्मीर घाटी में सर्दियों के माइग्रेशन सीजन की शुरुआत हो गई है।

ब्लॉक फ़ॉरेस्ट ऑफिसर ऐजाज अहमद ने कहा कि लगभग 2.5 लाख माइग्रेटरी पक्षी पहले ही वेटलैंड पहुंच चुके हैं। इनमें मैलार्ड ग्रे, लेग गूज, कूट पिंटेल, पर्पल स्वैम्प, हेन मूरहेन, पोचार्ड शॉवेलर, साइबेरियन गीज, साइबेरियन बत्तखें और कई दूसरी दुर्लभ माइग्रेटरी पक्षी प्रजातियां शामिल हैं जो सर्दियों के महीने कश्मीर में बिताने के लिए ठंडे इलाकों से हज़ारों किलोमीटर का सफर करती हैं।

लगभग 34000 कनाल में फैला और यह प्रदेश का सबसे बड़ा वेटलैंड है। शल्लाबुघ वेटलैंड सर्दियों के दौरान एक नेचुरल सैंक्चुअरी में बदल जाता है। इसकी रिच बायोडायवर्सिटी भरपूर खाना अवेलेबिलिटी और अच्छे क्लाइमेट कंडीशन इसे जम्मू और कश्मीर में माइग्रेटरी वॉटरफाउल के लिए सर्दियों में रहने की सबसे पसंदीदा जगहों में से एक बनाते हैं।

इन पक्षियों का हर साल आना शालबुघ वेटलैंड के इकोलॉजिकल महत्व को दिखाता है और इस इलाके के सबसे जरूरी और मशहूर वेटलैंड में से एक के तौर पर इसके स्टेटस को पक्का करता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / SONIA LALOTRA

Share this story