आरबीए आरक्षण में कटौती के खिलाफ पब्लिक वेलफेयर फोरम का विरोध

WhatsApp Channel Join Now
आरबीए आरक्षण में कटौती के खिलाफ पब्लिक वेलफेयर फोरम का विरोध


जम्मू, 04 फ़रवरी (हि.स.)। पब्लिक वेलफेयर फोरम के चेयरमैन अमर नाथ ठाकुर ने आज प्रेस क्लब जम्मू में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आरबीए (रिज़र्वेशन फॉर रेज़िडेंट्स ऑफ बैकवर्ड एरियाज़) और ईडब्ल्यूएस आरक्षण में प्रस्तावित कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण, अन्यायपूर्ण और आरबीए क्षेत्रों के लोगों के साथ खुला अन्याय करार दिया। ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2020 में अनुच्छेद 370 के बाद आरबीए आरक्षण को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया और अब इसे 7 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार ईडब्ल्यूएस आरक्षण को 10 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे आरबीए और ईडब्ल्यूएस वर्गों के साथ लगातार हो रहा भेदभाव बताया।

उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, मंत्रिमंडल के सदस्यों, नेता प्रतिपक्ष एवं जम्मू-कश्मीर विधानसभा के सभी विधायकों से अपील की कि आरक्षण पर एक व्यापक और संवैधानिक विधेयक विधानसभा में लाया जाए, जिससे सभी आरक्षित वर्गों को समान और न्यायपूर्ण लाभ मिल सके। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ (1992) तथा अगस्त 2024 के सात-सदस्यीय पीठ के फैसलों का हवाला देते हुए तर्कसंगत आरक्षण नीति लागू करने की मांग की। प्रेस वार्ता में बताया गया कि आरबीए क्षेत्रों के कई विधायकों और राजनीतिक प्रतिनिधियों को इस संबंध में ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। फोरम ने मांग की कि वर्तमान 10 प्रतिशत आरबीए आरक्षण को एसटी-2 में विलय किया जाए और एसटी-2 आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाए, ताकि आरबीए क्षेत्रों के लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सके।

ठाकुर ने कहा कि आरबीए आरक्षण केंद्र सरकार की नौकरियों, केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों और राष्ट्रीय छात्रवृत्तियों में लागू नहीं होता जिससे इन क्षेत्रों के छात्र और युवा गंभीर रूप से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि आरबीए क्षेत्रों में रहने वाले लोग भौगोलिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से एसटी समुदाय के समान परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। फोरम ने क्रीमी लेयर को सभी आरक्षित वर्गों से बाहर करने, बार-बार लाभ लेने वाले सक्षम परिवारों की पहचान तथा वास्तविक रूप से गरीब और वंचित परिवारों को ही आरक्षण का लाभ देने की भी मांग की। अंत में चेतावनी दी गई कि यदि आरबीए की मांगों की अनदेखी जारी रही तो जन असंतोष और तेज होगा। प्रेस वार्ता में बशीर अहमद, मोहम्मद सलीम शेख, मुश्ताक अहमद, विजय शर्मा, हंस राज, सुभाष चंदर, बिशन दास ठाकुर, एस. परवीन सिंह, श्याम राज ठाकुर सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

Share this story