30 जुलाई से शुरू होगा श्रावण मास, जम्मू के शिवालयों में बढ़ेगी श्रद्धालुओं की रौनक

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30 जुलाई से शुरू होगा श्रावण मास, जम्मू के शिवालयों में बढ़ेगी श्रद्धालुओं की रौनक


जम्मू, 28 जुलाई (हि.स.)। सनातन धर्म में विशेष महत्व रखने वाला श्रावण (सावन) मास इस वर्ष चंद्र मास के अनुसार 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक रहेगा। श्रावण मास के आगमन के साथ ही जम्मू के प्राचीन शिव मंदिरों और शिवालयों में धार्मिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि अधिकांश श्रद्धालु चंद्र मास के अनुसार श्रावण व्रत एवं भगवान शिव की पूजा-अर्चना आरंभ करते हैं। इस वर्ष सावन के चार सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ेंगे जिनका विशेष धार्मिक महत्व है।

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि यदि किसी कारणवश श्रद्धालु मंदिर नहीं जा सकते, तो घर पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधिपूर्वक भगवान शिव का पूजन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है और इस दौरान शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बिल्वपत्र, धतूरा तथा अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक करने, शिवपुराण का पाठ, रुद्राभिषेक और ॐ नमः शिवाय मंत्र के जप का विशेष महत्व है।

उन्होंने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक मंगलवार को मंगलागौरी व्रत करने से महिलाओं को विवाह, संतान और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही अनेक श्रद्धालु सावन के प्रथम सोमवार से 16 सोमवार व्रत का संकल्प भी लेते हैं। महंत रोहित शास्त्री ने श्रद्धालुओं से अपनी स्वास्थ्य क्षमता के अनुसार ही व्रत रखने तथा फल, दूध एवं अन्य सात्विक आहार का सेवन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में तामसिक भोजन, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए क्योंकि यह न केवल स्वास्थ्य बल्कि आध्यात्मिक जीवन के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सावन के दौरान जम्मू के विभिन्न शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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