वेदों के सरल ज्ञान से सत्य व सदाचार का संदेश, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

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वेदों के सरल ज्ञान से सत्य व सदाचार का संदेश, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर


कठुआ, 07 अगस्त (हि.स.)। आर्य समाज मंदिर कठुआ में चल रहे 28वें अमृत कथा समारोह के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे परिसर में वैदिक व आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। इस अवसर पर पूजनीय गायत्री देवी ने अपने प्रभावशाली प्रवचनों के माध्यम से वेदों के गूढ़ ज्ञान को सरल, सहज एवं व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने ऋग्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद मनुष्य को सत्य, ज्ञान, सदाचार और श्रेष्ठ कर्म की राह दिखाते हैं। ईश्वर के निराकार स्वरूप पर जोर देते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को अंधविश्वास और पाखंड से दूर रहने की प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा कि सत्य केवल बोलने तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि उसे जीवन के हर पाहलू पर विचार, व्यवहार और कर्म में अपनाना आवश्यक है। उनकी सरल भाषा और प्रेरणादायक शैली ने उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष रूप से प्रभावित किया। कार्यक्रम में आर्य समाज कठुआ के प्रधान बिशन भारती जी सहित अन्य पदाधिकारियों ने पूजनीय गायत्री देवी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमृत कथा के माध्यम से समाज को वैदिक जीवन मूल्यों से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित उपस्थित होकर अमृत कथा का लाभ प्राप्त करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

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