सरकार ने पीएम पैकेज के तहत 6,000 फ्लैटों के लिए समय सीमा तय की

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श्रीनगर, 16 सितंबर(हि.स.)। आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण विभाग की चल रही और नई परियोजनाओं की समीक्षा के लिए एक बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण एवं पुनर्वास विभाग अनिल कुमार सिंह और प्रधान सचिव, डीएमआरआर एंड आर चंद्रकर भारती की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में राहत एवं पुनर्वास आयुक्त जम्मू-कश्मीर, मुख्य अभियंता (पीडब्लू एंड डी) दक्षिण कश्मीर, मुख्य अभियंता केपीडीसीएल, मुख्य अभियंता (पीडब्लू एंड बी) जम्मू और लोक निर्माण विभाग, डीएमआरआर एंड आर, जल शक्ति विभाग और संभागीय प्रशासन कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि कश्मीर घाटी के 20 स्थानों पर पीएम पैकेज कर्मचारियों के आवास के लिए स्वीकृत 6,000 फ्लैटों में से 5,176 फ्लैट पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा लिफ्ट, आंतरिक सड़कों, जल निकासी व्यवस्था और सामुदायिक हॉल सहित अन्य संबंधित कार्य भी अधिकांश स्थलों पर लगभग पूरे हो चुके हैं।

शेष कार्यों को पूरा करने और फ्लैट सौंपने/अधिग्रहण करने के लिए विशिष्ट समयसीमा निर्धारित की गई साथ ही सरकारी मानदंडों के तहत किए गए आवंटन के अनुसार पात्र कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण फ्लैटों का कब्जा सौंपने के निर्देश दिए गए।

जम्मू में प्रवासी शिविरों के विभिन्न ब्लॉकों की बड़ी मरम्मत और नवीनीकरण के संबंध में जिसके लिए सरकार ने 82.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, यह सूचित किया गया कि निविदा संबंधी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और कार्य शीघ्र ही शुरू होने की संभावना है।

इस बीच प्रवासी शिविरों में प्रवासी विद्यालयों, स्वास्थ्य औषधालयों, आंतरिक सड़कों और पार्कों के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए एक विस्तृत परियोजना को अंतिम रूप देने के निर्देश भी जारी किए गए।

इसी प्रकार सुकेतर स्थित पीओजेके भवन के निर्माण की व्यापक समीक्षा भी की गई जिसमें चालू वित्तीय वर्ष के भीतर परियोजना को सभी पहलुओं से पूरा करने पर जोर दिया गया।

जम्मू के पीडब्ल्यू के मुख्य अभियंता ने बैठक को सूचित किया कि जम्मू के पुरखू में कश्मीरी प्रवासियों के लिए अतिरिक्त फ्लैटों के निर्माण हेतु डीपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जगती में 6.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बहुउद्देशीय सामुदायिक हॉल का निर्माण पूरा हो चुका है। यह भी बताया गया कि चालू वित्त वर्ष में पुरखू, नगरोटा, मुथी और जगती प्रवासी शिविरों में लगभग 20.00 करोड़ रुपये की लागत वाली नई परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।

इसके अतिरिक्त प्रवासी शिविरों में ई-लर्निंग सेंटर, डिजिटल लाइब्रेरी और वाचनालय, करियर परामर्श और मार्गदर्शन केंद्र, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, उद्यमिता प्रोत्साहन केंद्र, खेल अवसंरचना और सौर ऊर्जा/जल संरक्षण परियोजनाओं सहित अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित नई परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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