सरकार ने पुरमंडल और इमामबाड़ा ज़ादीबल में हेरिटेज संरक्षण प्रोजेक्ट्स के लिए 13.75 करोड़ की लागत वाली दो बड़ी धरोहर संरक्षण परियोजनाओं को मंज़ूरी दी

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श्रीनगर, 31 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने सांबा में ऐतिहासिक धरोहर स्थल पुरमंडल के जीर्णोद्धार और बहाली व श्रीनगर में ऐतिहासिक इमामबाड़ा ज़ादीबल के संरक्षण और अपग्रेडेशन के लिए 13.75 करोड़ की लागत वाली दो बड़ी धरोहर संरक्षण परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है।

ये दोनों पहल जम्मू-कश्मीर की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक और स्थापत्य धरोहर को संरक्षित करने के साथ-साथ तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराती हैं।

सरकार ने सांबा में ऐतिहासिक धरोहर स्थल पुरमंडल के जीर्णोद्धार और बहाली के लिए 7.16 करोड़ की परियोजना को मंज़ूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य स्थल की अनूठी धरोहर विशेषता को संरक्षित करना और साथ ही इस पवित्र तीर्थ स्थल पर आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचे में सुधार करना है। सरकार ने श्रीनगर में ऐतिहासिक इमामबाड़ा ज़ादीबल के संरक्षण और अपग्रेडेशन के लिए 6.59 करोड़ की परियोजना को भी मंज़ूरी दी है। इस परियोजना का उद्देश्य सदियों पुराने इमामबाड़े की स्थापत्य और धरोहर विशेषता को संरक्षित करना है साथ ही ज़रूरी बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करना है ताकि साल भर इस पवित्र धार्मिक स्थल पर आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें।

ये परियोजनाएँ जम्मू-कश्मीर भर में अत्यधिक धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों की सुरक्षा और जीर्णोद्धार के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं जिन्हें धरोहर संरक्षण और बुनियादी ढाँचे के विकास में केंद्रित निवेश के माध्यम से किया जा रहा है।

पुरमंडल और इमामबाड़ा ज़ादीबल परियोजनाओं को मंज़ूरी मिलना हाल के महीनों में सरकार द्वारा शुरू की गई इसी तरह की कई पहलों की कड़ी में एक और कदम है। इससे पहले सरकार ने पुलवामा के शादिमार्ग में यारवान स्थित पवित्र जल स्रोत 'खू साहिब' के विकास के लिए 6.38 करोड़ की परियोजना को मंज़ूरी दी थी। इस परियोजना का उद्देश्य स्थल के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित करते हुए श्रद्धालुओं के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करना और सुविधाओं में सुधार करना है जिससे तीर्थयात्रियों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाया जा सके। सरकार ने हाल ही में शोपियां में ऐतिहासिक जामिया मस्जिद शरीफ और रामबन में पवित्र सर्वधर चौमुंडा माता मंदिर की बहाली और जीर्णोद्धार के लिए 16.36 करोड़ की लागत वाली दो बड़ी धरोहर संरक्षण परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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