स्वतंत्रता संग्राम किसी एक दल या परिवार की जागीर नहीं, असंख्य लोगों के बलिदान का परिणाम : भाजपा

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स्वतंत्रता संग्राम किसी एक दल या परिवार की जागीर नहीं, असंख्य लोगों के बलिदान का परिणाम : भाजपा


जम्मू, 22 अगस्त (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जम्मू-कश्मीर के प्रदेश सचिव पवन शर्मा ने कांग्रेस पर स्वतंत्रता संग्राम का श्रेय अपने तक सीमित रखने और अन्य संगठनों व व्यक्तियों के योगदान पर सवाल उठाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी किसी एक राजनीतिक दल, परिवार या संगठन की उपलब्धि नहीं थी बल्कि असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों, समाज सुधारकों और आम नागरिकों के संघर्ष व बलिदान का परिणाम थी।

शर्मा ने कहा कि 1947 में सत्ता की राजनीति के तहत देश के विभाजन को स्वीकार करने वालों को दूसरों की देशभक्ति पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने विभाजन को भारतीय इतिहास के सबसे दुखद अध्यायों में से एक बताते हुए कहा कि इसके कारण लाखों लोग विस्थापित हुए परिवार बिछड़े और बड़ी संख्या में लोगों को जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि उस दौर में लिए गए राजनीतिक फैसलों का भी राष्ट्रीय हित के व्यापक संदर्भ में निष्पक्ष आकलन होना चाहिए। भाजपा नेता ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण को किसी राजनीतिक दल के स्वामित्व तक सीमित नहीं किया जा सकता। स्वतंत्रता आंदोलन में विभिन्न विचारधाराओं, सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों के लोगों ने अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया 15 अगस्त 1947 के बाद भी जारी रही और समाज को मजबूत करने, राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण, वंचितों की सेवा तथा देश की एकता और अखंडता के लिए किए गए कार्यों का भी मूल्यांकन होना चाहिए।

शर्मा ने कांग्रेस पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार इतिहास की व्याख्या करने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम पूरे देश का था और शहीदों का बलिदान हर भारतीय की विरासत है। उन्होंने राजनीतिक दलों से स्वतंत्रता संग्राम के विषय पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भारत का संतुलित और समग्र इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए जिसमें समाज के सभी वर्गों और विभिन्न व्यक्तियों व संगठनों के योगदान को उचित स्थान मिले। शर्मा ने कहा कि देश का ध्यान अब एकता, संप्रभुता, सामाजिक सद्भाव और विकास को मजबूत करने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास समाज को प्रेरित करे विभाजित नहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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