कठुआ में रसोई गैस का संकट गहराया, एजेंसियों के बाहर उमड़ी भीड़, खाली सिलेंडर लेकर भटक रहे लोग

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कठुआ में रसोई गैस का संकट गहराया, एजेंसियों के बाहर उमड़ी भीड़, खाली सिलेंडर लेकर भटक रहे लोग


कठुआ, 13 मार्च (हि.स.)। जिला कठुआ में इन दिनों रसोई गैस (एलपीजी) की भारी कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि लोग अपने खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों और गोदामों के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।

सबसे ज्यादा दिक्कत उन परिवारों को हो रही है जिनके घर में केवल एक ही सिलेंडर है। सिलेंडर खाली होने के बाद नया सिलेंडर नहीं मिलने से उनके सामने खाना बनाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि पहले जिस फोन नंबर पर मिस कॉल करके या ओटीपी के जरिए गैस बुकिंग होती थी, वह नंबर अब बंद हो चुके हैं। इसके कारण ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पा रही और लोग असमंजस में हैं कि आखिर गैस की आपूर्ति क्यों बाधित हो गई है। स्थिति यह है कि गैस एजेंसियों के बाहर सैकड़ों लोग अपनी गैस कॉपी और खाली सिलेंडर लेकर घंटों खड़े रहते हैं, लेकिन सप्लाई कम होने के कारण सभी को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। इससे लोगों में भारी रोष भी देखने को मिल रहा है।

वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर छोटे व्यवसायों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ढाबों, होटलों और छोटे खाने-पीने के ठेलों पर काम करने वाले लोग गैस न मिलने के कारण अपना काम बंद करने को मजबूर हैं। कई लोग अब पुराने समय की तरह लकड़ी या भट्टी का इस्तेमाल करके किसी तरह अपना काम चला रहे हैं। गैस एजेंसी डीलरों का कहना है कि सप्लाई कम आने के कारण वे भी परेशानी में हैं। उनके कार्यालयों के बाहर रोजाना बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन सीमित स्टॉक के कारण सभी को सिलेंडर देना संभव नहीं हो पा रहा। हालांकि केंद्र सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है और अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट दिखाई दे रही है। कई जगहों पर लोग गैस एजेंसियों के बाहर इकट्ठा होकर विरोध भी जता रहे हैं। अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कठुआ जिले में रसोई गैस का संकट और गहरा सकता है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यवसायियों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

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