मुख्य सचिव ने भव्य योजना की कार्यान्वयन रणनीति की समीक्षा की

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श्रीनगर, 22 जुलाई (हि.स.)। मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने आज भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्या) की कार्यान्वयन रणनीति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य देश भर में अगली पीढ़ी के प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित करना और जम्मू-कश्मीर को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस), पी.डी.डी, एसीएस, वित्त, आयुक्त सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, प्रबंध निदेशक, एसआईडीसीओ और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने श्रीनगर के पेखरी, सांबा और नौगाम में प्रस्तावित प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों के लिए तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्टों का आकलन किया।

विस्तृत योजना और तकनीकी सुदृढ़ता की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि भव्य योजना के तहत भारत सरकार को प्रस्तुत करने से पहले विद्युत विकास विभाग और लोक निर्माण (आर एंड बी) विभाग द्वारा डीपीआर की पूरी तरह से जांच की जाए ताकि उनकी तकनीकी व्यवहार्यता, इंजीनियरिंग सुदृढ़ता और निर्धारित मानकों के अनुरूपता सुनिश्चित हो सके।

मुख्य सचिव ने प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए चिन्हित भूमि की स्थिति की भी समीक्षा की और लागू कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुसार कार्यान्वयन एजेंसी के पक्ष में भूमि के हस्तांतरण और निहित होने की प्रक्रिया के संबंध में विवरण मांगा। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं में तेजी लाने का निर्देश दिया ताकि परियोजनाओं को अनावश्यक देरी के बिना आगे बढ़ाया जा सके।

दुल्लू ने परियोजनाओं के निष्पादन के लिए परिकल्पित प्रस्तावित संस्थागत और कार्यान्वयन ढांचे का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने इन औद्योगिक पार्कों की स्थापना, कार्यान्वयन और दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए प्रस्तावित तंत्र पर विचार-विमर्श किया जिसमें विशेष प्रयोजन वाहन का गठन, परियोजना कार्यान्वयन व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचा शामिल था जो भव्य योजना के परिचालन दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए समय पर इनके निर्माण, निगरानी और सफल समापन की देखरेख करेगा।

मुख्य सचिव ने समन्वित कार्रवाई पर जोर देते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे घनिष्ठ समन्वय से कार्य करें ताकि सभी वैधानिक स्वीकृतियां और तकनीकी अनुमोदन समय पर प्राप्त किए जा सकें जिससे केंद्र शासित प्रदेश भारत सरकार से अनुमोदन और वित्तीय सहायता प्राप्त करने में सक्षम व्यापक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ प्रस्ताव प्रस्तुत कर सके।

आरंभ में मुख्य सचिव को सूचना एवं नियंत्रण आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह ने भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र योजना, भव्य योजना की व्यापक रूपरेखा से अवगत कराया। इस योजना के अंतर्गत 2026-27 से 2031-32 की अवधि के दौरान देशभर में 100 अत्याधुनिक प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने हैं जिसमें पहले चरण में 50 औद्योगिक पार्क शामिल हैं।

उन्होंने आगे बताया कि केंद्र शासित प्रदेश 31 जुलाई की निर्धारित समय सीमा से पहले दोनों मंडलों के लिए दो प्रस्ताव प्रस्तुत करने की दिशा में अग्रसर है ताकि संबंधित मंत्रालय द्वारा उन पर विचार करके उन्हें मंजूरी दी जा सके। यह योजना पात्र परियोजनाओं के लिए निर्धारित मानदंडों और स्वीकृतियों के अधीन प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता प्रदान करती है।

बैठक के दौरान एसआईडीसीओ के निदेशक मोहम्मद शाहिद सलीम ने भव्य योजना के तहत प्रस्तावित दो प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों के लिए तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्टों (डीपीआर) पर एक व्यापक प्रस्तुति दी।

उन्होंने आगे बताया कि इन परियोजनाओं की परिकल्पना आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रशासन, विश्वसनीय उपयोगिताओं, रसद सहायता, श्रमिक सुविधाओं और पर्यावरण के अनुकूल सुविधाओं से सुसज्जित पूर्णतः एकीकृत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के उद्देश्य से की गई है जिससे व्यापार करने में आसानी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और निवेशकों द्वारा औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने में लगने वाला समय कम होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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