मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा की

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मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा की


जम्मू, 28 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के खेल इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज होने वाले इस पल में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता जिसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खिलाड़ियों और सहायक कर्मचारियों के लिए 2 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की।

इस जीत को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जीत ने पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बना दिया है और युवा खिलाड़ियों की एक नई पीढ़ी को प्रेरित किया है।

उन्होंने आगे घोषणा की कि खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए नई अधिसूचित नीति के तहत सरकारी नियुक्तियों के पात्र होंगे।

आठ बार की चैंपियन कर्नाटक के घरेलू मैदान पर खेलते हुए जम्मू-कश्मीर ने दृढ़ संकल्प और संयम का प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में 291 रनों की शानदार बढ़त के दम पर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। टीम ने दूसरी पारी में 342/4 का स्कोर खड़ा करके मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली और हुबली के केएससीए राजनगर स्टेडियम में पांचवें और अंतिम दिन के अंत तक कुल बढ़त को 633 रनों तक बढ़ा दिया।

ओपनर कमरान इकबाल ने नाबाद 160 रन बनाकर टीम का नेतृत्व किया - यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका दूसरा शतक था - वहीं साहिल लोत्रा ने भी शानदार 101 रन बनाकर अपना पहला शतक (नाबाद) पूरा किया जिससे जम्मू-कश्मीर की टीम का दबदबा बरकरार रहा।

गेंदबाजी में, औकिब नबी एक बार फिर निर्णायक साबित हुए।

इस तेज गेंदबाज ने इस सीजन में सातवीं बार पांच विकेट लेकर पूरे अभियान में अपनी निरंतरता और प्रभाव को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जो इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए स्टेडियम में मौजूद थे ने मैच के बाद खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। उन्होंने क़मरान इक़बाल और साहिल लोत्रा की शानदार पारियों की सराहना की और औक़िब नबी की मैच जिताने वाली गेंदबाजी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी अनुशासित गेंदबाजी टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, विधायक ज़ादिबल तनवीर सादिक और जम्मू-कश्मीर चैंपियनशिप परिषद के सदस्य मुख्यमंत्री के साथ थे।

जम्मू-कश्मीर ने 67 साल पहले भारत की प्रमुख घरेलू प्रतियोगिता में पदार्पण किया था। पिछले सत्रों में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के बावजूद, यह बहुप्रतीक्षित चैंपियनशिप अब तक हाथ से निकल चुकी थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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