विधानसभा सचिवालय ने लॉटरी के माध्यम से 14 प्रस्तावों का चयन, 31 मार्च और 2 अप्रैल को सदन की कार्यवाही में किया जाएगा सूचीबद्ध

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जम्मू, 23 फ़रवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान पर्यावरण से लेकर सांस्कृतिक मुद्दों तक विभिन्न प्रकार के निजी सदस्यों के प्रस्तावों पर चर्चा होने वाली है। विधानसभा सचिवालय ने लॉटरी के माध्यम से 14 प्रस्तावों का चयन किया है जिन्हें 31 मार्च और 2 अप्रैल को सदन की कार्यवाही में सूचीबद्ध किया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक गुरेज नजीर अहमद खान ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों में पदोन्नति को दूरदराज के क्षेत्रों में अनिवार्य सेवा से जोड़ने वाला एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। पंपोर के विधायक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) हसनैन मसूदी ने सरकार से पंजीकृत शैक्षणिक संस्थानों द्वारा उपयोग की जाने वाली राज्य और शमीलात भूमि के कब्जे को नियमित करने का आग्रह किया है ताकि प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें बिना किसी आपत्ति के कार्य जारी रखने की अनुमति मिल सके।

ईदगाह के विधायक मुबारक गुल ने खुशाल सर, गिलसर, शल्लाबुघ और अन्य जल निकायों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए एक समर्पित झील एवं जलमार्ग विकास प्राधिकरण की स्थापना की मांग की है। शमीम फिरदौस ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलीथीन और उससे संबंधित उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

नेशनल काउंसिल के सज्जाद शाहीन ने जम्मू जिले की पुरानी आवासीय कॉलोनियों के शीघ्र नियमितीकरण की मांग की है जबकि उनके पार्टी सहयोगी सलमान सागर ने स्थानीय अधिकारों और आजीविका की रक्षा के लिए फाक क्षेत्र और ग्रामीण ब्लॉक हरवान को श्रीनगर मास्टर प्लान से हटाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। बांदीपोरा के विधायक निज़ाम-उद-दीन भट ने केंद्र शासित प्रदेश के सभी जिलों में एक समान और पूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की मांग की है। सांस्कृतिक और शैक्षिक पहलों से संबंधित दो प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं। पीडीपी के वहीद-उर-रहमान पारा ने सरकार से कश्मीरी भाषी क्षेत्रों में आधिकारिक संचार, साइनबोर्ड और कक्षा बारहवीं तक के स्कूली पाठ्यक्रम में कश्मीरी भाषा का उपयोग अनिवार्य करने का आग्रह किया है, वहीं भाजपा के नरिंदर सिंह रैना ने विकसित भारत 2047 के तहत जम्मू में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग की है।

जावेद हसन बेग के दो प्रस्ताव चयनित हुए हैं—एक में सरकार से आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है जिसमें भूकंप की तैयारी और रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया गया है और दूसरे में बारामूला शहर को विरासत शहर घोषित करने की मांग की गई है। इस बीच भाजपा के सुनील भारद्वाज ने रामनगर तहसील को जिले का दर्जा देने का प्रस्ताव पेश किया है और निर्दलीय विधायक मुजफ्फर इकबाल खान ने पंचायती राज नियम (1996) और संबंधित सरकारी आदेशों के पूर्ण कार्यान्वयन की मांग की है जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि 3 लाख रुपये तक के कार्य ठेकेदारों के बजाय सीधे हलका पंचायतों के माध्यम से किए जाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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