वार्षिक कौसरनाग यात्रा रियासी स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर से शुरू
जम्मू, 21 अगस्त (हि.स.)। वार्षिक कौसरनाग यात्रा शुक्रवार को रियासी स्थित प्राचीन भगवान शिव मंदिर से शुरू हुई। पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, विशेष अभियान दल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। आयोजकों का अनुमान है कि पिछले साल के लगभग 5,000 श्रद्धालुओं की संख्या इस साल बढ़कर लगभग 10,000 हो सकती है।
तीर्थयात्री शुक्रवार को वाहनों से महोर क्षेत्र के लिए रवाना हुए और शनिवार से पैदल यात्रा शुरू करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि कौसरनाग शिव धाम में पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान 23 अगस्त को होंगे जबकि तीर्थयात्री 24 अगस्त को रियासी के लिए अपनी वापसी यात्रा शुरू करेंगे।
यात्रा के आयोजकों में से एक सुरेश कुमार ने कहा कि युवा इस तीर्थयात्रा में अधिक भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष तीर्थयात्रियों में से 50 प्रतिशत से अधिक 30 वर्ष से कम आयु के थे जबकि 50 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की भी अच्छी खासी संख्या थी। उन्होंने तीर्थयात्रा में युवाओं, बुजुर्ग श्रद्धालुओं और महिलाओं की भागीदारी को एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोग वार्षिक धार्मिक यात्रा में अधिकाधिक भाग ले रहे हैं।
रियासी-उधमपुर के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शिव कुमार शर्मा ने तीर्थयात्रियों और रियासी निवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि प्रशासन ने सुरक्षित और सुचारू तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली हैं।
अधिकारी ने बताया कि कौसरनाग यात्रा एक चुनौतीपूर्ण तीर्थयात्रा है और सुरक्षा बल एवं नागरिक प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई दिनों से कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि सेना, सीआरपीएफ, पुलिस और एसओजी की टीमें मार्ग पर तैनात हैं जबकि एसओजी कर्मी संवेदनशील क्षेत्रों में घेराबंदी और तलाशी अभियान तथा क्षेत्र नियंत्रण अभ्यास कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने संभावित मौसम संबंधी चुनौतियों को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना और सीआरपीएफ कर्मियों के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल भी तैनात किए हैं। अधिकारी ने बताया कि रियासी के साथ-साथ विभिन्न जिलों और राज्यों से भी तीर्थयात्री यात्रा में शामिल हुए हैं और पवित्र गंतव्य की ओर बढ़ते हुए तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है।
कौसरनाग यात्रा श्रावण के पवित्र महीने में आयोजित की जा रही है जो अमरनाथ यात्रा, बुद्ध अमरनाथ यात्रा और कैलाशकुंड यात्रा सहित अन्य प्रमुख तीर्थयात्राओं के साथ मेल खाती है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में कड़ी निगरानी रख रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

