भारतीय भाषा पुस्तक योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में राज्य स्तरीय बैठक

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भारतीय भाषा पुस्तक योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में राज्य स्तरीय बैठक


जम्मू, 24 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की भारतीय भाषा समिति के सहयोग से भारतीय भाषा पुस्तक योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रारंभिक बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव जैन ने की। उन्होंने कहा कि भाषा समाज की आधारशिला है और भारतीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने से विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों का ज्ञान अपनी मातृभाषा में प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक के उद्घाटन सत्र में भारतीय भाषा समिति नई दिल्ली के अकादमिक समन्वयक डॉ. चंदन श्रीवास्तव ने भारतीय भाषा पुस्तक योजना की रूपरेखा, उद्देश्यों और कार्यान्वयन प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य भारतीय भाषाओं में उच्च शिक्षा की गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराकर शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने योजना के प्रमुख आधारों, मूल पाठ्यपुस्तकों के विकास, अनुवाद, गुणवत्ता सुनिश्चित करने की व्यवस्था, डिजिटल प्रणाली, परियोजना आधारित वित्तपोषण तथा केंद्र एवं राज्य स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने जैसे पहलुओं पर प्रकाश डाला।

दूसरे तकनीकी सत्र में भारतीय भाषा समिति की अकादमिक समन्वयक डॉ. रचना विश्वकर्मा ने पुस्तक विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि योजना को सफल बनाने के लिए भविष्य में भी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने भारतीय भाषाओं में शैक्षणिक संसाधनों के व्यवस्थित विकास के प्रति समिति की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में जम्मू संभाग के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के कुलपतियों, निदेशकों, डीन, शिक्षकों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव भी साझा किए। इस अवसर पर क्लस्टर विश्वविद्यालय जम्मू के कुलपति प्रो. के. एस. चंद्रशेखर, आईआईएमसी जम्मू के निदेशक डॉ. दिलीप कुमार सहित कई शिक्षाविद् उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. रितु बख्शी ने किया जबकि संचालन डॉ. वीरेंद्र कुंडल ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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