धर्म और अध्यात्म की शरण से ही दूर होंगी सामाजिक विकृतियां

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जम्मू, 25 सितंबर (हि.स.)। श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर एवं संत स्वामी श्री हरि चैतन्य पुरी महाराज ने कहा कि देश में अनाचार, अत्याचार, भ्रष्टाचार, घृणा और विद्वेष जैसी प्रवृत्तियां बढ़ना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक भौतिक सुख-सुविधाएं हासिल करना आज लोगों के जीवन का लक्ष्य बनता जा रहा है जिससे मानवता, नैतिकता और चरित्र का लगातार ह्रास हो रहा है। धर्म, अध्यात्म और परमात्मा की शरण ही मनुष्य को इस स्थिति से बाहर निकाल सकती है। जम्मू क्लब में आयोजित प्रवचन में स्वामी हरि चैतन्य पुरी ने कहा कि राम, रहीम, नानक, बुद्ध और महावीर की भूमि भारत को संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रीय और सामाजिक हित में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने ऊंच-नीच और भेदभाव को अनुचित बताते हुए सभी धर्मों के प्रति सम्मान और आपसी सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को वाणी, विचार और व्यवहार में संयम रखते हुए परमात्मा का स्मरण करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कामनाएं ही दुख और बंधन का कारण बनती हैं। इसलिए प्रत्येक कार्य करने से पहले उसके परिणाम पर विचार करना और परमात्मा का स्मरण करते हुए कर्म करना चाहिए। संतों, शास्त्रों और अवतारों को केवल अपनी कमियां छिपाने का माध्यम बनाने के बजाय उनसे शिक्षा लेकर उसे जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने लोगों से असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश और मृत्यु से अमृतत्व की ओर बढ़ने का आह्वान किया। स्वामी हरि चैतन्य पुरी ने कहा कि परमात्मा धन-संपत्ति के नहीं बल्कि प्रेम और भावनाओं के भूखे हैं। उन्होंने मितव्ययिता अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि धन से अधिक गुणों के संग्रह पर ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने किसी का तिरस्कार नहीं करने और ऐसे शब्दों से बचने की अपील की जिससे किसी के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचे या समाज में वैमनस्य पैदा हो।

उन्होंने कहा कि मनुष्य का मस्तिष्क व्यापक होता जा रहा है लेकिन हृदय संकीर्ण होता जा रहा है। अहंकार छोड़कर उदारता और सद्भाव को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शत्रु को पराजित करने से बड़ा कार्य उसे अपना बना लेना है। स्वामी ने युवाओं और श्रद्धालुओं से स्वयं जागरूक होने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय और दूरदराज से श्रद्धालु पहुंचे। स्वामी हरि चैतन्य पुरी के प्रवचनों से वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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