जम्मू में पंजाबी भाषा को आधिकारिक दर्जा देने की मांग को लेकर सिख संगत ने निकाला मोर्चा
जम्मू,, 13 अक्टूबर (हि.स.)।
जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने की मांग को लेकर मंगलवार को जम्मू में सिख संगत की ओर से मोर्चा निकाला गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोगों ने भाग लेकर पंजाबी भाषा को सरकारी स्तर पर मान्यता देने की मांग उठाई।
इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कार्यकारी मुख्य सेवादार भाई ईमान सिंह मान जो सरदार सिमरनजीत सिंह मान के पुत्र हैं, विशेष रूप से जम्मू पहुंचे और मोर्चे में शामिल हुए।
मोर्चा गांधी नगर स्थित गुरुद्वारा बाबा फतेह सिंह जी से शुरू हुआ जहां बड़ी संख्या में सिख संगत के सदस्य एकत्रित हुए।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाबी भाषा को जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं की सूची में शामिल करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल सिख संगत के सदस्यों ने कहा कि पंजाबी भाषा उनकी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी हुई है और इसे उचित सम्मान तथा आधिकारिक मान्यता मिलनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस मांग पर गंभीरता से विचार करने और पंजाबी भाषा को आधिकारिक दर्जा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
इस दौरान भाई ईमान सिंह मान की मौजूदगी में सिख समुदाय के लोगों ने अपनी मांग को प्रमुखता से उठाया। मोर्चे का उद्देश्य पंजाबी भाषा को आधिकारिक मान्यता दिलाने के मुद्दे की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

