शारदीय नवरात्रि की अष्टमी-नवमी कब मनाएं? महंत रोहित शास्त्री ने बताई सही तिथि, पूजा मुहूर्त और व्रत पारण की जानकारी

WhatsApp Channel Join Now

जम्मू,, 18 अक्टूबर (हि.स.)।

शारदीय नवरात्रि के दौरान इस बार अष्टमी, नवमी और विजयदशमी की तिथियों को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस बना हुआ है। इसी बीच श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री ने पंचांग के अनुसार इन पर्वों की तिथियों और पूजा के समय की जानकारी दी है।

महंत रोहित शास्त्री के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसलिए उदयातिथि के अनुसार महाअष्टमी का पूजन सोमवार, 19 अक्टूबर को किया जाएगा।

वहीं, नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। ऐसे में महानवमी का पूजन मंगलवार, 20 अक्टूबर को किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु अष्टमी पर कन्या पूजन, व्रत और साख विसर्जन करना चाहते हैं, वे 19 अक्टूबर को ये धार्मिक कार्य कर सकते हैं। वहीं नवमी पर कन्या पूजन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर को पूजा कर सकते हैं।

विजयदशमी का पर्व भी 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। महंत रोहित शास्त्री के अनुसार, इस दिन दोपहर 12 बजकर 52 मिनट के बाद शस्त्र पूजन करना शुभ रहेगा।

नवरात्रि व्रत के पारण को लेकर उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या पूजन एवं अन्य अनुष्ठान पूरे करने के बाद व्रत खोल सकते हैं।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि तिथियों को लेकर भ्रमित न हों और पंचांग तथा अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

763100 Articles

Share this story