मायोपिया जागरूकता सप्ताह के तहत जीएमसी कठुआ द्वारा स्कूल विजन स्क्रीनिंग कैंप आयोजित

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मायोपिया जागरूकता सप्ताह के तहत जीएमसी कठुआ द्वारा स्कूल विजन स्क्रीनिंग कैंप आयोजित


कठुआ, 04 जून (हि.स.)। मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) की रोकथाम एवं प्रबंधन के लिए चलाए जा रहे वैश्विक अभियान के तहत मायोपिया जागरूकता सप्ताह के अवसर पर जीएमसी कठुआ के नेत्र रोग विभाग द्वारा सरकारी मिडिल स्कूल बी, कठुआ में एक व्यापक स्कूल विजन स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम जीएमसी कठुआ के प्राचार्य डॉ. सुरिंदर कुमार अत्री के मार्गदर्शन तथा नेत्र रोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका सोदानी की देखरेख में संपन्न हुआ। कैंप का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं, विशेषकर मायोपिया का समय रहते पता लगाना और उनका उचित उपचार सुनिश्चित करना था। इस दौरान रिफ्रैक्शनिस्ट मुकेश माथुर द्वारा कुल 75 छात्रों की आंखों की जांच की गई जिसमें से 10 बच्चों में रिफ्रैक्टिव एरर (दृष्टि दोष) पाया गया जबकि 2 बच्चों में भेंगापन (स्क्विंट) की समस्या सामने आई जिन्हें आगे की जांच और उपचार के लिए चिन्हित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. प्रियंका सोदानी ने जागरूकता व्याख्यान देते हुए बताया कि विश्वभर में बच्चों में मायोपिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने नियमित नेत्र जांच, समय पर निदान और उचित उपचार के महत्व पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने बच्चों को अधिक समय तक बाहर खेलने, स्क्रीन टाइम कम करने और आंखों की स्वच्छता बनाए रखने जैसी स्वस्थ आदतें अपनाने की सलाह दी।

डॉ. सोदानी ने कहा कि इस प्रकार के स्क्रीनिंग कार्यक्रम प्रारंभिक अवस्था में दृष्टि दोषों की पहचान करने में अत्यंत सहायक होते हैं जिससे बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक स्तर पर जागरूकता और नियमित जांच से बाल्यावस्था में मायोपिया के बढ़ते मामलों को नियंत्रित किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

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