संस्कृत हमारी संस्कृति की आत्मा, नशामुक्त युवा ही राष्ट्र की सशक्त नींव: अभिनव शर्मा

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जम्मू,, 18 अगस्त (हि.स.)।

संस्कृत मास के पावन अवसर पर श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में मंगलवार को संत हरे राम दास जी पब्लिक स्कूल, मंडाल (मढ़ विधानसभा क्षेत्र) से संस्कृत शोभायात्रा एवं नशा मुक्ति रैली का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के साथ-साथ समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के विरुद्ध जनजागरूकता पैदा करना और युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों, धार्मिक नेताओं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली में संस्कृत भाषा के महत्व और नशे के दुष्प्रभावों को लेकर विभिन्न संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

प्रतिभागियों ने समाज को नशे से दूर रखने तथा संस्कृत जैसी प्राचीन एवं समृद्ध भाषा को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान, संस्कृति, परंपरा और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है। संस्कृत के अध्ययन एवं प्रचार से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें।

स्कूल के प्रबंधक महंत हरे राम दास जी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि संस्कृत हमारी गौरवशाली संस्कृति और सनातन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने नशे को समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि विद्यालयों, अभिभावकों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को मिलकर नशे के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाने की आवश्यकता है।

श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति, दर्शन, अध्यात्म, ज्योतिष, आयुर्वेद और ज्ञान-विज्ञान की समृद्ध परंपरा को अपने भीतर समेटे हुए है। संस्कृत को जन-जन तक पहुंचाना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि संस्कृत के प्रचार के साथ नशामुक्ति का संदेश देना इस आयोजन की विशेष भावना है क्योंकि संस्कारवान और स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज एवं राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ राष्ट्र की युवा शक्ति को कमजोर करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, संस्कार, आध्यात्मिकता और रचनात्मक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए प्रत्येक परिवार और नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी।

रैली पब्लिक स्कूल, मंडाल से प्रारंभ होकर आसपास के क्षेत्रों से गुजरती हुई पुनः विद्यालय परिसर में पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार तथा नशामुक्त समाज के संदेश को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया। विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने सामाजिक जागरूकता के इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज को नशे जैसी बुराइयों से मुक्त करने के लिए ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए। आयोजन ने संस्कृत संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के दोनों संदेशों को एक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों तथा मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही समाज के सभी वर्गों से संस्कृत के प्रचार-प्रसार और नशामुक्त समाज के निर्माण के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर विशेष रूप से देवकी नंदन शर्मा,पूर्व सरपंच वंदना कुमारी, अमन शर्मा , राकेश सिंह, लक्की शर्मा, अमित जामवाल, हनी सिंह,कुलभूषण जामवाल, आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

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