कारगिल दिवस पर शहीदों को किया नमन, प्रधानमंत्री के मन की बात को सुना, विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर दिया गया जोर
जम्मू, 26 जुलाई (हि.स.)। कारगिल विजय दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' के 136वें संस्करण को सुना।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, बलिदान और राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से कारगिल के वीरों की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने देश के युवा नवाचारकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा और नवाचारी सोच भारत के भविष्य को नई दिशा दे रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई देते हुए युवाओं को खेलों को अपनाकर अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के लिए प्रेरित किया। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने 'कैच द रेन' अभियान में बढ़ती जनभागीदारी का उल्लेख किया और वर्षा जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए ब्रह्म ज्योत सत्ती ने कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के अदम्य साहस और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है तथा शहीदों का सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 'मन की बात' कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनभागीदारी जैसे विषयों पर समाज को निरंतर प्रेरित कर रहा है। उन्होंने लोगों से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सेवा जैसे सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में समर्पित योगदान देने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

