सकीना इटू ने पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर सत्ता की लालसा रखने का लगाया आरोप
श्रीनगर, 02 जून (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर की शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर सत्ता की लालसा रखने का आरोप लगाया और उन्हें अनुच्छेद 370 के हनन, राज्य का दर्जा छीनने और केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा संकट के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया।
मीडिया से बात करते हुए मंत्री इटू ने आरोप लगाया कि पीडीपी अध्यक्ष ने जम्मू और कश्मीर से भाजपा को दूर रखने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा दिए गए बिना शर्त समर्थन को ठुकरा दिया था। जब वह भाजपा के साथ सरकार में थीं और जब भाजपा ने उन्हें सत्ता से हटाया तब डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने उन्हें बिना शर्त समर्थन दिया था। उन्होंने कहा था कि हमें किसी मंत्रालय या पद की जरूरत नहीं है बस भाजपा को दूर रखें। लेकिन उन्होंने उस समर्थन को ठुकरा दिया क्योंकि वह कुर्सी पर बैठना चाहती थीं।
मंत्री इटू ने कहा कि महबूबा मुफ्ती के भाजपा के साथ गठबंधन के फैसले के कारण ही अंततः इस क्षेत्र का विशेष दर्जा समाप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज आपके पास न तो राज्य है, न अनुच्छेद 370, न अनुच्छेद 35ए, न नौकरियां। हजारों लोग जेल में हैं। आपके पास घर नहीं है, न ही बची-खुची सत्ता। उन्होंने कहा कि इस महिला ने जम्मू-कश्मीर को बर्बाद कर दिया है।
2019 के बाद की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए मंत्री इटू ने कहा कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर एकजुट होने का निमंत्रण दिया था लेकिन महबूबा मुफ्ती अनुपस्थित रहीं। आज उन्हें सिर्फ सत्ता चाहिए। वह सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। बाकी लोगों के लिए उनमें कोई ईमानदारी नहीं है, कोई वफादारी नहीं है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को बर्बाद कर दिया है।
हाल ही में हुए अतिक्रमणों के मुद्दे पर मंत्री इटू ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए यह सवाल भी उठाया कि प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि आप हमेशा गरीबों को ही क्यों निशाना बनाते हैं। भाजपा के कितने विधायकों ने हजारों कनाल जमीन पर कब्जा कर रखा है। आप उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करते। जब आपको किसी को निशाना बनाना ही होता है तो आप सिर्फ गरीबों को ही निशाना बनाते हैं। यह बेहद दुखद बात है।
मंत्री इटू ने दोहराया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा, अनुच्छेद 370 और उसकी पहचान बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

