संसद के बाहर भगवा चोला पहनकर किए गए प्रदर्शन के विरोध में जम्मू में संत समाज का प्रदर्शन,

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जम्मू,, 03 अगस्त (हि.स.)।

संसद परिसर के बाहर सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा चोला धारण कर किए गए प्रदर्शन एवं सनातन परंपराओं से जुड़े प्रतीकों के कथित दुरुपयोग के विरोध में आज जम्मू में संत समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन श्री कृष्ण गिरी जी महाराज के गुम्बट स्थित मंदिर परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें जूना अखाड़े के संत-महात्माओं, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर श्री श्री 1008 महंत मोहन गिरी जी महाराज (शनि मंदिर, हीरानगर), महंत दत्त गिरी जी महाराज, महंत जसमेर जंगम जी महाराज, बाबा खंडेश्वरी गिरी जी महाराज, रमेश्वर गिरी जी महाराज (सांबा) सहित जूना अखाड़े के अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे।

प्रदर्शन के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए संत-महात्माओं ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं, सनातन परंपराओं, भगवा वेशभूषा और साधु-संतों के स्वरूप का राजनीतिक स्वार्थ के लिए उपयोग करना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच के बाहर भगवा चोला पहनकर जिस प्रकार का प्रदर्शन किया गया उससे करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों और संत समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

संत समाज ने सांसद पप्पू यादव के इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को सनातन धर्म, भगवा वेशभूषा और साधु-संतों की गरिमा का उपहास उड़ाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

संत-महात्माओं ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी राजनीतिक दल या नेता द्वारा सनातन धर्म, भगवा वस्त्र, साधु-संतों अथवा हिंदू देवी-देवताओं का राजनीतिक स्वार्थ के लिए दुरुपयोग किया गया, तो संत समाज पूरे देश में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

इस प्रदर्शन में मूवमेंट कल्कि के सदस्य भी शामिल हुए। संगठन की ओर से प्रांत संयोजक ठाकुर अर्जुन सिंह तथा कोर सदस्य विक्रम महाजन सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने संत समाज के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन धर्म, संत समाज और धार्मिक प्रतीकों के सम्मान की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर आवाज़ उठानी होगी।

प्रदर्शन के अंत में सभी संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों एवं श्रद्धालुओं ने एक स्वर में सनातन धर्म की गरिमा, साधु-संतों के सम्मान तथा धार्मिक आस्थाओं की रक्षा का संकल्प दोहराया और सभी राजनीतिक दलों से धार्मिक प्रतीकों का सम्मान बनाए रखने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

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