“इन्फ्लुएंसर आरजे ऑफ द ईयर” का सिल्वर अवार्ड जीतने वाली जम्मू-कश्मीर की पहली रेडियो जॉकी बनीं आरजे जूही

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“इन्फ्लुएंसर आरजे ऑफ द ईयर” का सिल्वर अवार्ड जीतने वाली जम्मू-कश्मीर की पहली रेडियो जॉकी बनीं आरजे जूही


जम्मू, 29 मई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का क्षण उस समय आया जब डॉ. जूही मोहन ने मुंबई के द लीला मुंबई में आयोजित ई4एम गोल्डन माइक अवार्ड्स 2026 के 14वें संस्करण में “इन्फ्लुएंसर आरजे ऑफ द ईयर” श्रेणी में रजत (सिल्वर) पुरस्कार हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ आरजे जूही मोहन जम्मू-कश्मीर की पहली रेडियो जॉकी बन गई हैं, जिन्हें यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। इसे प्रदेश के रेडियो और प्रसारण जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

ई4एम गोल्डन माइक अवार्ड्स 2026 को देश के रेडियो और ऑडियो उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में गिना जाता है। यह सम्मान रेडियो प्रोग्रामिंग, ऑडियो स्टोरीटेलिंग, नवाचार और श्रोताओं से प्रभावी जुड़ाव के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रदान किया जाता है। समारोह में देशभर के प्रमुख प्रसारक, विज्ञापन विशेषज्ञ, विपणन पेशेवर, एजेंसियां, कंटेंट निर्माता और मीडिया उद्योग से जुड़े वरिष्ठ लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रीय मंच पर जम्मू का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. जूही मोहन को रेडियो क्षेत्र में उनके प्रभावशाली योगदान और श्रोताओं के साथ मजबूत जुड़ाव के लिए सम्मानित किया गया। उनके कार्यक्रमों में सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया गया, जिसे श्रोताओं ने काफी सराहा है। इस वर्ष के पुरस्कार समारोह में भारतीय रेडियो जगत की कई प्रतिष्ठित आवाजों और रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। वहीं बिग एफएम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए “रेडियो स्टेशन ऑफ द ईयर” का खिताब अपने नाम किया। नेटवर्क ने कुल 47 पुरस्कार जीते, जिनमें 18 स्वर्ण, 18 रजत और 11 कांस्य पुरस्कार शामिल हैं।

पुरस्कार प्राप्त करने के बाद डॉ. जूही मोहन ने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण है। जम्मू-कश्मीर से आकर देश के इतने बड़े मंच पर सम्मानित होना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। रेडियो हमेशा लोगों के दिलों से जुड़ने और उनकी भावनाओं को समझने का माध्यम रहा है। मैं अपने सभी श्रोताओं की आभारी हूं, जिनके प्यार और समर्थन ने मुझे यह मुकाम दिलाया।”

जूही मोहन की इस उपलब्धि की मीडिया जगत, श्रोताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सराहना की है। इसे जम्मू-कश्मीर की उभरती प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान का प्रतीक माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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