नवरात्रि से पहले तवी घाटों का जीर्णोद्धार करें, लंबित धनराशि जारी करें: चंद्र मोहन शर्मा

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नवरात्रि से पहले तवी घाटों का जीर्णोद्धार करें, लंबित धनराशि जारी करें: चंद्र मोहन शर्मा


जम्मू, 16 मार्च (हि.स.)।

वरिष्ठ भाजपा नेता और नमामि गंगा अभियान एवं तवी आंदोलन के संयोजक चंद्र मोहन शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से पिछले वर्ष अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए भारत सरकार द्वारा आवंटित धनराशि को तुरंत जारी करने का आग्रह किया है।

त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शर्मा ने धनराशि जारी होने में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि लंबे समय से चली आ रही निष्क्रियता के कारण स्थानीय लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत सरकार द्वारा धनराशि को महीनों पहले ही स्वीकृत कर दिया गया था लेकिन केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा इसे जारी न करने के कारण पुनर्निर्माण कार्य ठप पड़ा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के प्रमुख नेता बलविंदर सिंह भाटिया, मेघा रैना, रजनी अरोरा, रमन शर्मा और प्रदीप शर्मा भी उपस्थित थे। स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने बताया कि नवरात्रि का त्योहार 19 मार्च से शुरू हो रहा है लेकिन फिलहाल तवी नदी का कोई भी किनारा श्रद्धालुओं के लिए सख माता के पारंपरिक विसर्जन के लिए सुलभ नहीं है। इस अनुष्ठान के लिए पारंपरिक रूप से प्रयुक्त मुख्य स्थल, तवी आरती घाट, और धौंथली क्षेत्र, बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के कारण दुर्गम हो गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि दूसरा वैकल्पिक मार्ग, रणबीर नहर भी मरम्मत और गाद निकालने के कार्य से गुजर रहा है जिससे 1 अप्रैल से पहले जल प्रवाह बहाल होने की संभावना कम है। ऐसी परिस्थितियों में शर्मा ने चेतावनी दी कि अनुष्ठान के लिए उपयुक्त स्थल का अभाव त्योहार के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के लिए अराजकता और असुविधा का कारण बन सकता है। शर्मा ने घाट के पास राजीव कॉलोनी और बिक्रम चौक पुल के बीच तटबंध पर स्थित पहुंच मार्ग को हुए गंभीर नुकसान पर भी प्रकाश डाला जो बह गया है जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

उन्होंने आगे कहा कि सभी नगर निकायों और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है जिसके तहत सख माता के विसर्जन के लिए पर्यावरण के अनुकूल अस्थायी जलकुंडों का निर्माण करना और मुख्य जलमार्ग को प्रदूषण मुक्त रखना आवश्यक है। हालांकि घाटों की वर्तमान जर्जर स्थिति को देखते हुए ऐसी सुविधाएं स्थापित करना अत्यंत कठिन हो गया है।

आगामी त्योहार के धार्मिक महत्व और निवासियों की गंभीर नागरिक चिंताओं को ध्यान में रखते हुए शर्मा ने मुख्यमंत्री से लंबित धनराशि को शीघ्र जारी करने का आग्रह किया ताकि जीर्णोद्धार कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जा सके और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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