जम्मू में स्याना नागरिक मदद सेवा संस्थान चौआदी ने डोगरी भाषा के लिए निकाली रैली
जम्मू,, 24 अक्टूबर (हि.स.)।
जम्मू की समृद्ध संस्कृति और मातृभाषा डोगरी के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से स्याना नागरिक मदद सेवा संस्थान चौआदी की ओर से एक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली के माध्यम से लोगों को डोगरी भाषा के महत्व के प्रति जागरूक करने और नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से जोड़ने का संदेश दिया गया।
संस्थान की इस पहल का मुख्य उद्देश्य डोगरी भाषा को बढ़ावा देना और लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक करना था। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि डोगरी केवल बोलचाल की भाषा नहीं बल्कि जम्मू की पहचान, परंपराओं और गौरवशाली सांस्कृतिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस अवसर पर चैंबर अध्यक्ष ने डोगरी भाषा के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि डोगरी हर घर में बोली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा को जीवित रखने के लिए जरूरी है कि उसका प्रयोग रोजमर्रा की जिंदगी में किया जाए। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को अपनी मातृभाषा से जोड़ना बेहद आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहें।
डोगरी भाषा जम्मू की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। यह भाषा यहां के लोकगीतों, लोककथाओं, साहित्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों से गहराई से जुड़ी हुई है। ऐसे में डोगरी को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से किए जा रहे प्रयासों का विशेष महत्व है।
स्याना नागरिक मदद सेवा संस्थान चौआदी की ओर से निकाली गई इस रैली ने मातृभाषा के संरक्षण और उसके अधिक से अधिक उपयोग का संदेश दिया। साथ ही लोगों को अपने घरों में बच्चों के साथ डोगरी में बातचीत करने और अपनी भाषा एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

