भारतीय सेना ने नौशेरा में आपदा तैयारियों के लिए किया अभ्यास 'हिफाजत राहत-ए-अवाम'

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राजौरी, 05 जून (हि.स.)। आगामी मानसून के मौसम से पहले आपदा तैयारियों को बढ़ाने के प्रयासों के तहत भारतीय सेना ने राजौरी के नौशेरा सेक्टर में एक व्यापक सैन्य-नागरिक सहभागिता अभ्यास 'हिफाज़त राहत-ए-अवाम' का संचालन किया।

इस अभ्यास में भारतीय सेना, नागरिक प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जम्मू और कश्मीर पुलिस, स्वास्थ्य सेवाएं, नागरिक सुरक्षा और अन्य हितधारक एजेंसियों को एक साझा मंच पर लाया गया, ताकि आकस्मिक योजनाओं का सत्यापन किया जा सके। यह अभ्यास तवी नदी के किनारे स्थित संवेदनशील और निचले इलाकों में वास्तविक बाढ़ और आपातकालीन स्थितियों का अनुकरण करने के लिए तैयार किया गया था। इसकी शुरुआत एक संयुक्त टेबल-टॉप अभ्यास से हुई, जिसमें भाग लेने वाली एजेंसियों ने आपदा प्रबंधन योजनाओं, मानक संचालन प्रक्रियाओं, संसाधन जुटाने के प्रोटोकॉल और अंतर-एजेंसी समन्वय तंत्रों की समीक्षा की। परिदृश्य-आधारित चर्चाओं और युद्ध-खेलों ने आपात स्थितियों के दौरान प्रभावी प्रतिक्रिया पर विस्तृत विचार-विमर्श को संभव बनाया।

अभ्यास का एक प्रमुख आकर्षण तवी नदी पर आयोजित संयुक्त बाढ़ बचाव और निकासी प्रदर्शन था। इस प्रदर्शन में समन्वित खोज और बचाव अभियान, हताहतों को निकालने की प्रक्रिया, नाव-आधारित बचाव अभियान, रस्सी की सहायता से नदी पार करने की तकनीक और प्रभावित नागरिकों को निर्दिष्ट राहत शिविरों तक सुरक्षित रूप से पहुँचाने का प्रदर्शन किया गया। महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों सहित संवेदनशील समूहों के बचाव और देखभाल पर विशेष जोर दिया गया।

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, राजौरी और पुंछ के जिला प्रशासनों के प्रतिनिधियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों इस अभ्यास के समय उपस्थित रहे। सरपंचों, ग्राम रक्षा गार्डों और स्थानीय निवासियों ने भी भाग लिया, जिससे आपदा की तैयारी में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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