सोपोर में 100 दिन के नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत पुलिस ने नशा-विरोधी मुहिम तेज़ की

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सोपोर ,21 जून(हि.स.)। 100 दिन के नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत अपनी मुहिम को तेज़ करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोपोर और रफियाबाद सब-डिविजन में नशीले पदार्थों की समस्या को जड़ और समुदाय दोनों स्तरों पर खत्म करने के लिए नष्ट करने और जागरूकता फैलाने का एक व्यापक अभियान चलाया।

गांजा-विरोधी एक बड़े ऑपरेशन में पंजल्ला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले रफियाबाद के रोहामा गांव के माटीपोरा में कई कनाल ज़मीन पर फैली जंगली भांग और गांजे की खेती को नष्ट कर दिया गया। यह अभियान राजस्व अधिकारियों के सहयोग से चलाया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नशीले पदार्थों के स्रोत को खत्म करने और शरारती तत्वों द्वारा इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वयंसेवकों ने इस अवैध फसल को उखाड़कर नष्ट कर दिया। नशा-मुक्त अभियान के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बोमाई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मुकाम शहीद मीर के दारुल उलूम नदवी में नशा-विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

इस सत्र में छात्रों और स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शामिल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन के बुरे प्रभावों, परिवारों पर इसके मनोवैज्ञानिक-सामाजिक असर और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख़्त सज़ा के प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया। युवाओं से अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल और कौशल विकास में लगाने का आग्रह किया गया। इसी के साथ फिदारपोरा पुलिस पोस्ट के अधिकार क्षेत्र में आने वाले रफियाबाद के अस्तानपोरा गांव में भी एक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लंबरदारों, चौकीदारों और अन्य स्थानीय निवासियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों से सतर्क रहने, युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखने और अपने इलाकों में नशा बेचने वालों तथा जंगली भांग की खेती की पहचान करने में पुलिस का सहयोग करने का आग्रह किया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोहराया कि 'नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत सप्लाई चेन पर प्रहार करने और मांग को कम करने के लिए सोपोर पुलिस ज़िले में नष्ट करने और जागरूकता फैलाने के ऐसे अभियान जारी रहेंगे। ज़िले को नशा-मुक्त बनाने के लिए धार्मिक संस्थानों, शैक्षणिक निकायों और लंबरदारों व चौकीदारों जैसे सामुदायिक हितधारकों की सक्रिय भागीदारी बहुत ज़रूरी है।

हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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