प्रवासी राहत का अवैध रूप से लाभ उठाने के आरोप में पीएचई कर्मचारी पर आरोपपत्र दायर

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श्रीनगर, 19 जनवरी (हि.स.)। सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के दुरुपयोग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर की अपराध शाखा के आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग के एक पूर्व कर्मचारी के खिलाफ सेवा स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत करके और अपने परिवार के सदस्यों के साथ अवैध रूप से प्रवासी के रूप में पंजीकरण कराकर 18 लाख रुपये से अधिक की प्रवासी राहत का धोखाधड़ी से लाभ उठाने के आरोप में आरोपपत्र दायर किया है।

एक बयान में जम्मू-कश्मीर की अपराध शाखा के आर्थिक अपराध विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग, गांदरबल डिवीजन के सेवानिवृत्त कर्मचारी मोहम्मद हुसैन शाह निवासी सैयदपुरा शोपियां, वर्तमान में नुनार कावाबाग गांदरबल में रहने वाले के खिलाफ जम्मू के माननीय विद्युत मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया है।

आरोप पत्र में परिवार के सदस्यों के साथ अवैध रूप से प्रवासी के रूप में पंजीकरण कराने और धोखाधड़ी से 18,30,265 की प्रवासी राहत राशि प्राप्त करने के आरोपों से संबंधित जानकारी दी गई है। इस जांच एजेंसी ने एक लिखित शिकायत के आधार पर जांच की कि पीएचई विभाग में कार्यरत आरोपी ने अवैध तरीकों से नकद प्रवासी राहत राशि प्राप्त की थी।

आरोप है कि आरोपी ने संबंधित अवधि के दौरान सक्रिय सरकारी सेवा में रहते हुए भी अपने परिवार के सदस्यों के साथ अवैध रूप से प्रवासी के रूप में पंजीकरण कराया था जिससे वह ऐसे लाभों के लिए अपात्र हो गया था।

बयान में आगे कहा गया है इसके बाद ईओडब्ल्यू द्वारा गहन जांच की गई जिसमें प्रथम दृष्टया यह स्थापित हुआ कि आरोपी ने प्रवासी पंजीकरण प्राप्त करने के लिए जानबूझकर अपनी रोजगार स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया। जांच में यह भी पता चला कि अपात्र होने के बावजूद आरोपी प्रवासी राहत लाभों का लाभ उठाता रहा जिससे सरकारी खजाने को अनुचित नुकसान हुआ और उसे स्वयं अनुचित लाभ प्राप्त हुआ। जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर यह स्थापित किया गया कि आरोपी द्वारा की गई चूक और जानबूझकर की गई गलत हरकतें धारा 420 आरपीसी के तहत दंडनीय अपराध हैं। रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्पष्ट रूप से पुष्टि करते हैं। सभी वैधानिक और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने न्यायिक जांच के लिए सक्षम न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।

कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोककर सार्वजनिक संसाधनों की रक्षा करने के अपने दृढ़ संकल्प को दोहराती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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