पैंथर्स पार्टी का रामनगर थाने के बाहर प्रदर्शन, 2024 चुनावों में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग
जम्मू, 09 अगस्त (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी (इंडिया) के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह के नेतृत्व में रामनगर पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान कथित चुनावी कानूनों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई नहीं होने और पुलिस पर भाजपा नेताओं के साथ मिलीभगत के आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।
बस स्टैंड रामनगर से शुरू हुआ प्रदर्शन पुलिस थाने तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से चुनाव के दौरान पकड़ी गई शराब और नकदी का हिसाब देने, गरीब लोगों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने पर रोक लगाने और दोषी लोगों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की।
हर्ष देव सिंह ने आरोप लगाया कि 10 सितंबर 2024 को आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान कघोटे में भाजपा के झंडे लगी एक गाड़ी से 6.85 लाख रुपये बरामद किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि मामला सामने आने के बावजूद इस संबंध में अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े रिकॉर्ड भी नष्ट किए गए जिसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आगे दावा किया कि 29 सितंबर को चुनाव के दौरान वितरण के लिए ले जाई जा रही 1,630 से अधिक शराब की बोतलें पुलिस ने एक वाहन से बरामद की थीं। सिंह के अनुसार वाहन मालिक द्वारा जिन भाजपा नेताओं के नाम लिए गए थे उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय वाहन चालक जो अनुसूचित जाति से संबंधित था के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
हर्ष देव सिंह ने घोरड़ी क्षेत्र में चुनाव के दौरान कथित रूप से भाजपा नेताओं से जुड़े वाहनों से अवैध शराब बरामद होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संबंधित मामलों की जानकारी पुलिस को दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने चुनाव के दौरान महिलाओं से संबंधित कथित आपत्तिजनक और धमकी भरी टिप्पणियों के मामलों में भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।
सिंह ने दावा किया कि चनैनी विधानसभा क्षेत्र के बिंदला इलाके में विपक्षी उम्मीदवार को वोट देने वाली महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर गंभीर धमकियां दी गई थीं लेकिन संबंधित पुलिस थानों ने कार्रवाई नहीं की। पैंथर्स पार्टी ने पुलिस और प्रशासन से 2024 के चुनावों से जुड़े इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित रूप से मामलों को दबाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पार्टी ने गरीब लोगों, विशेषकर दलित समुदाय के लोगों को कथित तौर पर गलत मामलों में फंसाने के आरोपों की भी जांच की मांग उठाई।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

