‘समानता की सच्ची भावना’ पर पैनल चर्चा : डॉ. आंबेडकर के विचारों पर छात्रों और शिक्षकों ने रखे अपने दृष्टिकोण

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‘समानता की सच्ची भावना’ पर पैनल चर्चा : डॉ. आंबेडकर के विचारों पर छात्रों और शिक्षकों ने रखे अपने दृष्टिकोण


जम्मू, 16 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में समान अवसर प्रकोष्ठ और शिक्षा विभाग द्वारा “समकालीन भारत में समानता की सच्ची भावना” विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कुलपति प्रो. संजीव जैन के संरक्षण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. असीत मंत्रि द्वारा अतिथियों का स्वागत करने से हुई। उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ. श्वेता यादव, एसोसिएट प्रोफेसर (पर्यावरण विज्ञान विभाग) और प्रो. ऋतु बख्शी (डीएसडब्ल्यू) का विशेष रूप से स्वागत किया।

चर्चा के दौरान छात्र प्रतिभागियों सिया शर्मा, आकाशनी राजपूत, मान्या और प्रियंशु कुमारी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर समानता पर अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। आकाशनी राजपूत ने लोकतंत्र में न्याय, स्वतंत्रता और समानता के महत्व को रेखांकित किया जबकि सिया शर्मा ने जाति-आधारित भेदभाव खत्म करने और समान अधिकारों पर जोर दिया।

प्रियंशु कुमारी ने हिंदी में “समता” और “समानता” की अवधारणाओं को समझाते हुए आंबेडकर के संदेश “शिक्षित रहो, संगठित रहो, संघर्ष करते रहो” को याद किया। वहीं मान्या ने समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं, अनुसूचित जाति और जनजातियों को समान अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि डॉ. श्वेता यादव ने अपने संबोधन में कहा कि समानता केवल अवसर देने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के सम्मान को भी महत्व देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भेदभाव समाज के भीतर से शुरू होता है, जिसे हमें स्वयं बदलना होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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