नशा-मुक्ति अभियान में जम्मू-कश्मीर में 4,000 से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार
श्रीनगर, 1 अक्टूबर(हि.स.)। पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने गुरुवार को बताया कि इस साल अप्रैल में शुरू किए गए 'नशा मुक्त अभियान' के तहत जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के कारोबार में शामिल 4,000 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। यहां 'रन फॉर यूनिटी' में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए प्रभात ने कहा कि 11 अप्रैल को जब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से यह अभियान शुरू किया था तब से पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,257 मामले दर्ज किए हैं।
प्रभात ने कहा कि लगभग 4,000 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और 170 मामलों में सज़ा दिलाई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि 2,500 से ज़्यादा मामलों का निपटारा पहले ही किया जा चुका है। संपत्ति ज़ब्त करने के मामले में जम्मू-कश्मीर अभी पूरे भारत में पहले नंबर पर है जहां 288 संपत्तियां ज़ब्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि ज़ब्त की गई संपत्तियों की कीमत 138 करोड़ रुपये है जबकि 80 लाख रुपये नकद भी ज़ब्त किए गए हैं।
डीजीपी ने बताया कि 144 आरोपियों पर 'प्रिवेंशन ऑफ़ इलिसिट ट्रैफ़िक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट' के तहत मामला दर्ज किया गया है जो देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में सबसे ज़्यादा संख्या है।
उन्होंने कहा कि पुलिस आतंकवाद-रोधी अभियानों के ज़रिए हमारे दुश्मन पड़ोसी के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए लगातार काम करती है। सितंबर का महीना बहुत गर्व का समय रहा है जिसमें कई ऑपरेशनल कामयाबियाँ मिली हैं। आतंकवाद-रोधी अभियानों के अलावा, हमने अपराध रोकने, अपराधियों का पता लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी अच्छी प्रगति की है। नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' का मकसद युवाओं के बीच नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या को खत्म करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

