जम्मू-कश्मीर में 2022 से अब तक 32 हजार से अधिक लोगों ने नशामुक्ति का इलाज कराया

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जम्मू, 20 फरवरी (हि.स.)। जम्मू कश्मीर सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा को सूचित किया कि 2022 से केंद्र शासित प्रदेश में 32 हजार से अधिक नशा मुक्ति रोगियों ने पंजीकरण करवाकर इलाज करवाया है। अधिकारी नशा मुक्ति के लिए जारी अभियानों के तहत उपचार और पुनर्वास उपायों को तेज कर रहे हैं।

कई विधायकों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने बताया कि कुल 32,517 रोगियों का उपचार के लिए नामांकन किया गया है, जिनमें कश्मीर मंडल में 16,759 और जम्मू मंडल में 15,758 रोगी शामिल हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कश्मीर मंडल में श्रीनगर में सबसे अधिक 6,100 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद अनंतनाग (2,157), कुलगाम (2,075), बारामूला (1,623), पुलवामा (1,312) और बडगाम (1,166) का स्थान रहा। अन्य जिलों में बांदीपोरा (817), शोपियां (713), कुपवारा (552) और गांदरबल (244) शामिल हैं।

जम्मू मंडल के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) जम्मू में सबसे अधिक 9,806 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद जीएमसी कठुआ (1,529), जीएमसी राजौरी (1,227), उधमपुर (968), रामबन (577), डोडा (566), पुंछ (359), किश्तवार (311), सांबा (292) और रियासी (123) का स्थान रहा। सरकार ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है, जिसके तहत कश्मीर के सभी जिलों और जम्मू मंडल के नौ जिलों में नशा मुक्ति केंद्र (एटीएफ) कार्यरत हैं। ये केंद्र व्यापक उपचार के लिए बाह्य रोगी (ओपीडी) और अंतर्रोग (आईपीडी) दोनों सेवाएं प्रदान करते हैं। जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में नशा मुक्ति ओपीडी सेवाएं उपलब्ध हैं जबकि सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आईपीडी सुविधाएं कार्यरत हैं जहां विशेष देखभाल के लिए मनोचिकित्सक तैनात हैं।

सदन को आगे बताया गया कि पुलवामा और सांबा में नए नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने का कोई अलग प्रस्ताव नहीं है, लेकिन त्राल के बाजवानी में स्थित एक मौजूदा केंद्र पुलवामा जिले की जरूरतों को पूरा करता है। सांबा जिला अस्पताल में फरवरी, 2024 से एक नशामुक्ति केंद्र (एटीएफ) कार्यरत है। सरकार ने आगे कहा कि कमजोर युवाओं की पहचान करने और उन्हें उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान, सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम और पंचायत स्तर पर निगरानी तंत्र लागू किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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