लोकतंत्र और जम्मू-कश्मीर के अधिकारों की बहाली के लिए विपक्षी एकजुटता जरूरी-बाबू सिंह

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लोकतंत्र और जम्मू-कश्मीर के अधिकारों की बहाली के लिए विपक्षी एकजुटता जरूरी-बाबू सिंह


कठुआ, 04 अक्टूबर (हि.स.)। नेचर मैनकाइंड फ्रैंडली ग्लोबल पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बाबू सिंह ने कहा कि देश में लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संघीय ढांचे, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही हैं।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने विपक्षी दलों, नागरिक समाज और जन आंदोलनों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर देते हुए इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की अपील की।

बाबू सिंह ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भी चिंता जताई और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता तथा स्वतंत्रता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 1 नवंबर को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी रैली का समर्थन करती है और देशभर में चल रहे लोकतांत्रिक आंदोलनों के समर्थन में कठुआ क्षेत्र में भी पार्टी अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करेगी।

उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें इंडिया गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए और भविष्य में देश के प्रधानमंत्री के रूप में भूमिका निभानी चाहिए। पूर्व मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के लिए तत्काल राज्य का दर्जा बहाल करने तथा विशेष संवैधानिक स्थिति और ऐतिहासिक अधिकारों की बहाली की मांग की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर मुद्दे के स्थायी राजनीतिक समाधान की आवश्यकता जताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना तथा आतंकवाद और अस्थिरता को समाप्त करना होना चाहिए।

स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए बाबू सिंह ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा, 200 यूनिट मुफ्त बिजली लागू करने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल एवं विस्तारित करने की मांग की। उन्होंने पंजाबी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के साथ पहाड़ी और गोजरी भाषाओं को मान्यता देने की भी मांग रखी। उन्होंने लंबित चेक डैम परियोजना को पूरा करने, औद्योगिक प्रदूषण पर सख्त कार्रवाई करने तथा सरकारी विभागों में खाली पड़े सभी पदों को फास्ट-ट्रैक भर्ती के माध्यम से भरने की मांग की।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या से निपटने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। बाबू सिंह ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती तकनीकों के कारण भविष्य में रोजगार के अवसरों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने सरकार से युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सामाजिक सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था तैयार करने तथा यूनिवर्सल बेसिक इनकम जैसे विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

Livevns.news Desk
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