विपक्ष के नेता शर्मा ने राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसी) पर धोखे का आरोप लगाया
जम्मू, 21 फ़रवरी (हि.स.)।
जम्मू-कश्मीर में 24,000 नौकरियां आउटसोर्स करने का आरोप लगाया विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने शनिवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसी) पर जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।
उन्होंने पार्टी पर राजनीतिक धोखे, दोहरे मापदंड और शासन की विफलताओं, विशेष रूप से रोजगार के मामले का आरोप लगाया। श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी में भाजपा के मेगा जॉइनिंग प्रोग्राम में बोलते हुए शर्मा ने कहा कि एनसी ने 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान अनुच्छेद 370 की बहाली का वादा करके मतदाताओं को गुमराह किया था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अनुच्छेद 370 इतिहास बन चुका है और वापस नहीं आएगा। उन्होंने एनसी द्वारा बार-बार विशेष दर्जा के उल्लेख पर भी सवाल उठाया यह दावा करते हुए कि पार्टी द्वारा बताए गए अनुसार इस शब्द का कोई संवैधानिक आधार नहीं है और कहा कि उन्होंने विधानसभा में सरकार को अपने दावों को साबित करने की चुनौती दी थी।
अब्दुल्ला परिवार पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता सार्वजनिक रूप से भाजपा की आलोचना करते हैं लेकिन ऐतिहासिक रूप से राजनीतिक सत्ता के लिए भाजपा के साथ गठबंधन करते रहे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की जनता से इन विरोधाभासों पर सवाल उठाने का आग्रह किया।
शर्मा ने राष्ट्रीय कांग्रेस के पिछले शासनकाल की भी आलोचना करते हुए स्वायत्तता प्रस्तावों और वित्तीय पैकेजों से संबंधित वादों को पूरा करने में विफलता का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 24,000 पदों को भरने के बजाय आउटसोर्स करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया ये पद बिना खुले विज्ञापन, लिखित परीक्षा या साक्षात्कार के एक निजी कंपनी को सौंप दिए गए जिससे योग्य युवाओं को वंचित किया गया।
शर्मा ने कहा, गरीब माता-पिता सरकारी नौकरी की उम्मीद में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। भर्ती प्रक्रिया को दरकिनार करना 24,000 युवाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय नहीं बदला गया तो विरोध प्रदर्शन होंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार संबंधित कंपनी और भर्ती प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक करे और कहा कि भाजपा इस मुद्दे को विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह उठाएगी। शर्मा ने सरकार द्वारा 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार अपने वादे को पूरा करने के बजाय इस लाभ को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर गलत सूचनाओं का मुकाबला करने का आग्रह किया और कहा कि भाजपा शासन, रोजगार और पारदर्शिता से संबंधित मुद्दों को उठाना जारी रखेगी। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पार्टी नेताओं की उपस्थिति में कई राजनीतिक कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

