यज्ञ से ही होता है विश्व का कल्याण और परम सुख की प्राप्ति-स्वामी राम स्वरूप जी

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यज्ञ से ही होता है विश्व का कल्याण और परम सुख की प्राप्ति-स्वामी राम स्वरूप जी


कठुआ, 23 अप्रैल (हि.स.)। वेद मंदिर योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञ अनुष्ठान के अवसर पर स्वामी राम स्वरूप जी ने कहा कि पूरे ब्रह्मांड में यज्ञ ही ऐसा सर्वोत्तम कर्म है, जो समस्त प्राणियों का कल्याण करता है।

उन्होंने यजुर्वेद मंत्र 1/1 का उल्लेख करते हुए बताया कि यज्ञ से ही मानव को भौतिक उन्नति और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है। स्वामी जी ने मनुस्मृति और वैशेषिक शास्त्र के सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि वेद ही धर्म का मूल आधार हैं और यज्ञ के माध्यम से ही जीवन में सफलता संभव है।

उन्होंने ऋग्वेद और अथर्ववेद के संदर्भ में बताया कि यज्ञ से ज्ञान, कर्म और उपासना के जरिए आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति होती है। साथ ही, यज्ञ से वातावरण की शुद्धि और विश्व के संतुलन में भी योगदान मिलता है। स्वामी राम स्वरूप ने चिंता जताते हुए कहा कि कलियुग में लोगों ने यज्ञ करना छोड़ दिया है, जबकि वेदों में इसे सर्वोच्च कर्म बताया गया है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से दूर होने के कारण ही समाज में दुःख और असंतुलन बढ़ रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

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