18 जनवरी को मौनी अमावस्या, जम्मू में धार्मिक तैयारियां शुरू

WhatsApp Channel Join Now
18 जनवरी को मौनी अमावस्या, जम्मू में धार्मिक तैयारियां शुरू


18 जनवरी को मौनी अमावस्या, जम्मू में धार्मिक तैयारियां शुरू


जम्मू, 16 जनवरी (हि.स.)। माघ मास की पावन मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी जिसे लेकर जम्मू में धार्मिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अवसर के महत्व पर जानकारी देते हुए श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ज्योतिषाचार्य ने बताया कि मौनी अमावस्या पर मौन व्रत, पवित्र स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। स्कंद पुराण के अनुसार ‘मौनी’ शब्द की उत्पत्ति मुनि से हुई है और मान्यता है कि इसी दिन प्रथम पुरुष मनु का जन्म हुआ था। इस दिन मौन धारण करने से आत्मबल मजबूत होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन पितरों की शांति के लिए उपवास, तिल, दूध और तिल से बनी मिठाइयों का दान अत्यंत फलदायी माना गया है। उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर सकते, वे घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं, जिससे गंगा स्नान का पूरा पुण्य प्राप्त होता है। पीपल के वृक्ष पर तिल, गंगाजल, जल और पुष्प अर्पित कर ‘ॐ पितृभ्य: नम:’ मंत्र का जाप करने से पितृ दोष शांति का योग बनता है।

उन्होंने आगे बताया कि इस दिन सूर्य देव को ताम्र पात्र में अर्घ्य देना, नीलकंठ स्तोत्र, सर्पसूक्त और श्रीनारायण कवच का पाठ करना शुभ माना गया है। शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही तामसिक वस्तुओं से परहेज, ब्रह्मचर्य का पालन और संयमित आचरण करने की भी सलाह दी गई है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार मौनी अमावस्या पर राशि के अनुसार दान करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। जम्मू के श्रद्धालु 18 जनवरी को व्रत, दान और पूजा-अर्चना के माध्यम से सुख-समृद्धि, पितृ शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

Share this story