एनसी कार्य समिति की बैठक शासन की विफलता और ध्रुवीकरण के नए एजेंडे को उजागर करती है - भाजपा
श्रीनगर, 29 नवंबर (हि.स.)।
श्रीनगर में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस की बहुप्रचारित कार्यसमिति की बैठक जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए पूरी तरह से निराशाजनक रही। नागरिकों को शासन के पूरी तरह ध्वस्त होने, अधूरे चुनावी वादों और शांति, विकास और प्रगति के लिए एक ठोस रोडमैप पर स्पष्टता की उम्मीद थी। इसके बजाय दो दिनों के विचार-विमर्श के बाद नतीजा एक और विश्वासघात है - कुछ भी ठोस नहीं, कुछ भी आश्वस्त करने वाला नहीं, कुछ भी दूरदर्शी नहीं।
यह बात भाजपा जेके-यूटी के पूर्व एमएलसी और प्रवक्ता गिरधारी लाल रैना ने कही। तथाकथित संकल्प नये नहीं हैं। जीएल रैना ने कहा कि ये केवल पुरानी बयानबाजी की पुनरावृत्ति है जिसे जनता पहले ही खारिज कर चुकी है।
उन्होंने कहा यदि कार्य समिति की ओर से कोई स्पष्ट संदेश है तो यह केवल असहमति को शांत करने और वंशवादी पदानुक्रम के प्रति वफादारी सुनिश्चित करने का इरादा है। उन्होंने आगे कहा इसमें भी नेतृत्व कमजोर और अनिर्णायक दिखाई दिया और अपने ही भीतर तथाकथित अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई करने में असमर्थ रहा।
शासन और चुनावी वादों पर पूर्व एमएलसी ने दावा किया कि बैठक ने सत्तारूढ़ पार्टी के दोहरे मानकों को उजागर किया है। 200 मुफ्त बिजली इकाइयों की व्यापक रूप से विज्ञापित चुनावी प्रतिज्ञा अब कमजोर हो गई है, प्रमुख के साथ
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

