नेकां ने जम्मू-कश्मीर को शीघ्र राज्य का दर्जा देने की मांग दोहराई
जम्मू, 14 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) के प्रांतीय संयुक्त सचिव अंकुश अबरोल ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को शीघ्र राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग दोहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्षेत्र के लोगों से किए गए वादे को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करना केवल एक राजनीतिक आवश्यकता ही नहीं बल्कि संवैधानिक और नैतिक दायित्व भी है।
एक युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए अंकुश अबरोल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से इस वादे के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब उन्हें केवल आश्वासनों नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की अपेक्षा है। उन्होंने कहा राज्य का दर्जा जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया एक वादा है। अब और देरी की गुंजाइश नहीं है तथा जनता निर्णायक कदम उठाए जाने की उम्मीद कर रही है।
सम्मेलन में अंकुश अबरोल मुख्य अतिथि तथा जेकेएनसी के केंद्रीय क्षेत्र के समन्वयक एवं सचिव डॉ. विकास शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
युवाओं के साथ संवाद करते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विकास, शांति और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए राज्य का दर्जा बहाल होना अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना था कि राज्य का दर्जा न होने की स्थिति में इन लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करना कठिन बना रहेगा।
अपने संबोधन में डॉ. विकास शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ये नीतियां गरीबों, युवाओं और वंचित वर्गों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि इन नीतियों के कारण क्षेत्र में आर्थिक गिरावट, प्रशासनिक असमंजस और विकास कार्यों में बाधाएं उत्पन्न हुई हैं।
डॉ. शर्मा ने रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालयों और शिक्षा क्षेत्र में गैर-स्थानीय उम्मीदवारों की नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे योग्य स्थानीय युवाओं के रोजगार अवसर सीमित हो रहे हैं और उनमें भेदभाव की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने वाली निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती नीति लागू करने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

