एनसी और पीडीपी पाकिस्तान समर्थित राजनीति कर रहे : पूर्व मंत्री
जम्मू, 18 मई (हि.स.)। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे आरएसएस के बयानों को तोड़-मरोड़कर अपनी “मृत अलगाववादी राजनीति” को जिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं। बाली भगत ने कहा कि एनसी और पीडीपी नेतृत्व झूठा प्रचार कर यह दिखाने का प्रयास कर रहा है कि आरएसएस ने पाकिस्तान को रियायत देने या आतंकियों के प्रति नरमी बरतने की बात कही है, जबकि ऐसा कभी नहीं कहा गया।
उन्होंने कहा कि आरएसएस हमेशा राष्ट्रवाद, भारत की संप्रभुता और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम रहा है। भगत ने आरोप लगाया कि एनसी और पीडीपी की राजनीति हमेशा पाकिस्तान समर्थक नरम रुख पर आधारित रही है। भाजपा नेता ने कहा कि जब भी पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है, तब एनसी और पीडीपी के नेता उसके पक्ष में बोलना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने अतीत में भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के दौरान बातचीत और रियायतों की वकालत की, जबकि निर्दोष नागरिक और सुरक्षाकर्मी मारे जा रहे थे।
बाली भगत ने आरोप लगाया कि इन दलों ने दशकों तक भावनात्मक विभाजन, अलगाववादी सोच और भय का माहौल बनाकर राजनीति की। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर की जनता ने उनकी विभाजनकारी राजनीति को नकार दिया है और अब युवा शांति, विकास और राष्ट्रवाद चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एनसी और पीडीपी आरएसएस के बयानों को चुनिंदा तरीके से पेश कर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि आरएसएस का आतंकवाद और राष्ट्र विरोधी ताकतों के खिलाफ हमेशा स्पष्ट रुख रहा है।
बाली भगत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और एकीकरण के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, जिसे ये दल पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं को राष्ट्रवादी संगठनों का राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग न करने की चेतावनी भी दी।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

